लेह हिंसा में मारे गए लोगों के परिजन से सोनम वांगचुक ने मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और न्याय की मांग में उनका समर्थन किया। इस दौरान परिजन भावुक हो उठे और लद्दाख के सामाजिक व धार्मिक संगठनों ने भी पीड़ित परिवारों को मदद और भरोसा देने का आश्वासन दिया।
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने लेह हिंसा में मारे गए लोगों के परिजन से मुलाकात की। इस दौरान हिंसा में जान गंवाने वाले अपने लोगों को याद कर परिजन सिसक उठे। वांगचुक के साथ उनकी पत्नी गीतांजलि, सामाजिक व धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि भी थे। माहौल इतना भावुक था कि मृतकों के परिजन ठीक से भी नहीं बोल पा रहे थे।
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इस मौके पर लद्दाख बुद्धिस्ट एसोसिएशन व अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी पीड़ित परिवारों को समर्थन का भरोसा दिलाया। परिजन ने कहा कि वे न्याय की मांग कर रहे हैं और जब तक जवाबदेही तय नहीं होती वे संघर्ष जारी रखेंगे। बता दें कि लेह हिंसा में जिगमेट दोरजे (25), स्टेंजिन नमग्याल (23), रिनचेन दादुल (20) और सिवांग थारचिन (46) की जान गई थी। इसके बाद भड़काऊ भाषण देने के आरोप में सोनम वांगचुक को हिरासत में लेकर राजस्थान स्थित जोधपुर सेंट्रल जेल ले जाया गया था। वहां से करीब छह माह बाद रिहा होकर 22 मार्च को वांगचुक लेह पहुंचे हैं।