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सोशल मीडिया की भी हो जवाबदेही तय

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गढ़वाल विवि के राजनीति विज्ञान विभाग की ओर से लोकतंत्र और सोशल मीडिया विषय पर एक दिवसीय परिचर्चा का आयोजन किया गया, जिसमें सोशल मीडिया की जवाबदेही तय किए जाने पर जोर दिया गया।
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ऑनलाइन परिचर्चा में राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. एमएम सेमवाल ने कहा कि कोविड-19 के दौर में सोशल मीडिया एक तरह से लोकतंत्र का पांचवां स्तंभ बन गया है। सोशल मीडिया में जब फेक न्यूज की बात होती है तो हमें यह समझना चाहिए कि कोई भी न्यूज फेक नहीं होती, बल्कि उसके कंटेंट्स फेक होते हैं। सोशल मीडिया में यह एक चिंता का विषय है। आज के दौर में हर एक राजनीतिक दल का अपना सोशल सेल बना हुआ है। सोशल मीडिया की जवाबदेही की ओर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। शोध छात्र लक्ष्मण प्रसाद ने कहा कि आधुनिक युग में सोशल मीडिया जनमानस की वैचारिक अभिव्यक्ति के सशक्त उपकरण के रूप में उभर कर सामने आया है। शोध छात्र सौरभ गुप्ता ने कहा कि बिना मीडिया के लोकतंत्र अधूरा सा है। लोकतंत्र और मीडिया एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। राधिका नेगी ने कहा कि सोशल मीडिया सिटीजन गवर्नेंस) को बढ़ावा देता है। अंकित ने कहा कि लोकतंत्र में सोशल मीडिया एक तरह से जनता को सशक्त विपक्ष की भूमिका प्रदान कर रहा है। छात्र अखिलेश, शेखर नेगी, रोहित प्रसाद, सौरभ सिंह व मेघा रावत ने भी विचार रखे। संचालन शोध छात्रा कनिका बड़वाल एवं नीलम ने किया।
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