कांग्रेस के कद्दावर नेता गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे के बाद जम्मू-कश्मीर कांग्रेस में बड़ी हलचल देखी जा रही है। प्रदेश कांग्रेस से अब तक छह बड़े नेताओं ने इस्तीफा दे दिया है। ऐसे में आजाद के इस्तीफे को कांग्रेस के लिए बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है।
जम्मू-कश्मीर कांग्रेस कमेटी से पूर्व विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री जीएम सरूरी, पूर्व विधायक हाजिद अब्दुल राशिद, पूर्व विधायक मोहम्मद अमीन भट, पूर्व विधायक गुलजार अहमद वानी, पूर्व विधायक चौधरी मोहम्मद अकरम और पूर्व कैबिनेट मंत्री आरएस चिब ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।
आरएस चिब बोले- आजाद को कांग्रेस हाईकमान ने कठिन स्थिति में लाया
इस्तीफे के बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री आरएस चिब ने कहा, 'हमें पता था कि वह (गुलाम नबी आजाद) इस्तीफा देंगे। पिछले दो महीनों से इसकी बातचीत चल रही थी। गुलाम नबी आजाद को पार्टी हाईकमान ने एक कठिन स्थिति में ला दिया, यहां उनके पास पार्टी छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। कांग्रेस ने केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर निर्णायक नेतृत्व खो दिया है। गुलाम नबी आजाद खुद नेता हैं, फैसला उनका अपना है, लेकिन वह जो भी फैसला करेंगे हम उनके साथ रहेंगे।'
वहीं, रियासी विधानसभा के पूर्व विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री जुगल किशोर शर्मा ने भी इस्तीफा देने की घोषणा की है। वर्ष 2002 से 2008 के दौरान कांग्रेस-पीडीपी गठबंधन सरकार में मंत्री रहे जुगल किशोर शर्मा ने कहा कि वह शनिवार को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपना इस्तीफा देंगे। जुगल किशोर शर्मा पीडीपी-कांग्रेस गठबंधन सरकार में जल शक्ति, लोक निर्माण विभाग, पर्यटन विभाग के कैबिनेट मंत्री रहे हैं। बताया जाता है कि रियासी को जिला का दर्जा दिलवाने में जुगल किशोर शर्मा की अहम भूमिका रही है।