केंद्र सरकार ने जस्टिस गंजू की हत्या के पीछे की बड़ी आपराधिक साजिश का पता लगाने के लिए राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) को जिम्मेदारी सौंपी है। एसआईए ने सोमवार को एक आधिकारिक संदेश जारी कर इस हत्या के बारे में किसी भी तरह की जानकारी रखने वाले लोगों से आग्रह किया है कि वह हत्या के बारे में प्रत्यक्ष या परोक्ष कोई भी तथ्य, परिस्थितियां या अन्य उपयोगी जानकारी जांच एजेंसी से साझा करें। एसआईए ने कहा है कि जानकारी साझा करने वाले की पूरी सूचना गोपनीय रखी जाएगी। सूचना साझा करने के लिए एसआईए ने फोन और ईमेल आईडी भी साझा किया है। ssp-kmr@ jkpolice.gov.in पर एसआईए को सूचनाएं दी जा सकती हैं।
फैसला लेने में हुई देरी : अनमोल गंजू
जस्टिस नीलकंठ गंजू के पौत्र अनमोल गंजू का कहना है कि सरकार का कदम स्वागत योग्य है, लेकिन इसमें देरी हुई है। जब मेरे दादा की हत्या हुई थी तब मेरी उम्र 11 वर्ष थी। अब मैं 45 साल का हो चुका हूं, अगर सरकारें चाहतीं तो यह काम पहले ही किया जा सकता था। फिर भी कश्मीर में मारे गए हिंदुओं को न्याय मिलता है तो मुझे खुशी होगी।
फैसला स्वागत योग्य : उर्मिला
जस्टिस गंजू की बेटी उर्मिला रैना ने इस बारे में दिल्ली में मीडिया से कहा, यह अच्छी खबर है। मैं चाहती हूं कि मेरे पिता की हत्या में शामिल सभी आतंकी पकड़े जाएं और उन्हें सजा मिले। अब तक किसी भी सरकार ने हमारी बात नहीं सुनी।