नारको टेरर फंडिंग मामले में राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) ने मंगलवार को उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले में कई स्थानों पर दबिश दी। इस दौरान सीमा पार से नशा तस्करी और इस खेप की बिक्री से मिले पैसों से टेरर मॉड्यूल, अलगाववादी, ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) तथा मारे गए दहशतगर्दों के परिवारों को मदद के सबूत हाथ लगे हैं। छापे में जांच एजेंसी को डिजिटल सबूत के अलावा आपत्तिजनक दस्तावेज भी मिले हैं। इस दौरान कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कई अन्य जांच एजेंसी के रडार पर हैं।
एसआईए के एक अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को एसआईए (जम्मू) ने बारामुला पुलिस और जिला प्रशासन की मदद से बारामुला व उड़ी के नांबला इलाके में भी दबिश दी गई जो एलओसी से बिल्कुल सटा हुआ है। जम्मू के गांधी नगर पुलिस थाने में दर्ज केस के सिलसिले में यह कार्रवाई की गई। जांच के दौरान पाया गया है कि जुटाए धन कुछ फर्जी पत्रकारों को भी दिए गए ताकि केंद्र सरकार के खिलाफ गलत धारणा विकसित की जाए। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर युवाओं को आतंकवाद के लिए प्रेरित करने, आतंकवाद का समर्थन और महिमा मंडन किया जाए।
पुलिस 6.9 लाख कर चुकी है बरामद
इसके अलावा, छापे के दौरान कुछ लोग जो मादक द्रव्य आतंकवाद के वित्तपोषण की सांठगांठ में शामिल पाए गए थे, उन्हें गिरफ्तार किया गया है और इस सांठगांठ में कुछ और लोगों की संलिप्तता की जांच की जा रही है। बता दें कि इस मामले में पुलिस 6.9 लाख पहले ही बरामद कर चुकी है। पुलिस के अधिकारी ने कहा कि आने वाले दिनों में और छापे पड़ने की उम्मीद है। जम्मू-कश्मीर में संचालित ऐसे मॉड्यूल को ध्वस्त करने के प्रयास जारी रहेंगे।
पूर्व मंत्री बाबू सिंह मामले में दर्ज हुआ था मामला
गांधी नगर पुलिस स्टेशन में पूर्व मंत्री बाबू सिंह के खिलाफ टेरर फंडिंग का केस दर्ज हुआ था। बाबू सिंह का एक सहयोगी वेयर हाउस में 6.9 लाख रुपये के हवाला पैसे के साथ पकड़ा गया था। इसके बाद पता चला कि आरोपी ने यह पैसा बाबू सिंह के कहने पर कश्मीर से लिया था। जिसे देशविरोधी गतिविधियों में लगाया जाना था। यह मामला अब गांधी नगर पुलिस से एसआईए को ट्रांसफर कर दिया गया है।
एसआईए ने शिकंजा और कसा
राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) की ओर से आतंकवाद और उसके समर्थकों के खिलाफ शिकंजा कसा गया है। जांच एजेंसी की ओर से कश्मीर के कई स्थानों पर कार्रवाई की गई है। पत्थरबाजों के साथ ही पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और पाकिस्तान में बैठकर जम्मू-कश्मीर में नेटवर्क चलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। डोडा, किश्तवाड़ में सक्रिय रहे आतंकी जो अब पीओजेके में रहकर नेटवर्क संचालित कर रहे हैं, के घरों पर दबिश दी गई है। सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसी ने ऐसे लोगों की सूची तैयार की है जो आतंकी नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।