अधिकारियों के अनुसार, यह मामला वर्ष 2013 में उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के तरजू क्षेत्र में हुए आतंकी हमले से जुड़ा है। इस हमले में जम्मू-कश्मीर पुलिस के चार जवान बलिदान हो गए थे। एसआईए का कहना है कि रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने से अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों को आरोपी का पता लगाने, उसे हिरासत में लेने और भारत प्रत्यर्पित करने की कानूनी प्रक्रिया में मदद मिलेगी।
जांच में सामने आया कि सोपोर के क्रालटंग निवासी इम्तियाज कंडू वर्ष 2010 से प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन का सक्रिय सदस्य और कमांडर रहा है। भारत सरकार ने अक्तूबर 2022 में उसे नामित व्यक्तिगत आतंकी घोषित किया था।
यह मामला पहले तरजू पुलिस थाने में दर्ज हुआ था जिसे वर्ष 2024 में एसआईए को सौंप दिया गया। एजेंसी ने साक्ष्यों के गवाहों से पूछताछ और साजिश की कड़ियों को जोड़ने के बाद जुलाई 2024 में छह आरोपियों के खिलाफ विस्तृत आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया।
इन छह आरोपियों में से दो तारीक अहमद मीर और कयूम नजर सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। जबकि जाविद अहमद मट्टू, रऊफ नजर और अहमदुल्ला मल्ला गिरफ्तार होकर मुकदमे का सामना कर रहे हैं।
मुख्य आरोपी इम्तियाज कंडू अब भी फरार है और उसके पाकिस्तान भाग जाने की आशंका जताई गई है। एसआईए के अनुसार जांच में उसकी भूमिका न केवल इस आतंकी हमले में, बल्कि आतंकवादी नेटवर्क की व्यापक गतिविधियों में भी सामने आई है।
अधिकारियों ने बताया कि इम्तियाज कंडू कम से कम 10 अन्य मामलों में भी वांछित है। इन मामलों में आतंकी हमले, लक्षित हत्याएं, जिनमें 15 से अधिक लोगों की मौत हुई हथियारों और गोला-बारूद की तस्करी तथा नार्को-टेरर फंडिंग जैसी गंभीर गतिविधियां शामिल हैं।