जांच समिति ने प्रारंभिक जांच में पाया कि किश्तवाड़ के कार्यकारी अधिकारी कार्यालय की ओर से एक जनवरी 2024 से एक अगस्त 2026 के बीच की गई नियुक्तियों में प्रशासनिक प्रक्रिया और नियमों का उल्लंघन हुआ था। नियुक्तियां करने से पहले सक्षम प्राधिकारी से कोई अनुमति नहीं ली गई थी। इस आधार पर जांच समिति ने इन सभी अवैध नियुक्तियों को तुरंत प्रभाव से रद्द करने की सिफारिश की थी।वक्फ बोर्ड कार्यालय से आदेश जारी
समिति की सिफारिशों के आधार पर नियुक्तियों को रद्द करने की कार्रवाई की गई। इसके बाद जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की अध्यक्ष के कार्यालय से आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया। इस आदेश के तहत एक जनवरी 2024 के बाद तैनात किए गए सभी कर्मचारियों की सेवाएं एक अगस्त 2026 से समाप्त कर दी गई हैं। वक्फ बोर्ड के इस सख्त कदम से प्रशासनिक पारदर्शी व्यवस्था का संदेश दिया गया है।