वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शामिल हुई वानी ने यह समझाने की कोशिश की कि एनआरएलएम को केवल एक सहयोगी एजेंसी के रूप में इस्तेमाल किया गया था। हालांकि, रंजन उन पर लगातार चिल्लाए और उन्हें 'शट अप' कहने लगे। उन्होंने अधिकारी से पूछा कि क्या वह चुप बैठेंगी या नहीं।
कनिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उन्हें अपनी स्थिति स्पष्ट करने की आवश्यकता है, लेकिन आईएएस अधिकारी ने उन्हें बोलना बंद करने को कहा। उन्होंने उन्हें 'ब्लडी शिट' भी कहा। रंजन ने कहा, 'मैं हमेशा इसी तरह बात कर सकता हूं। मैं तुम्हारा बॉस हूं, स्टुपिड।'
जब महिला अधिकारी ने कहा कि वह उन्हें 'शिट' नहीं कह सकते, तो रंजन ने अपने कमरे में मौजूद एक अन्य महिला अधिकारी से वानी के निलंबन का आदेश टाइप करने को कहा। इस पर वानी ने कहा, 'ठीक है, आप निलंबित कर सकते हैं।' रंजन द्वारा कनिष्ठ अधिकारी के खिलाफ मौखिक हमला जारी रखने पर, उन्होंने आगे कहा, 'टू हेल विद यू'। आईएएस अधिकारी ने अपने अधीनस्थ को वानी द्वारा कहे गए शब्दों को निलंबन आदेश में दर्ज करने के लिए कहा। उन्होंने आगे कहा, 'इसे रिकॉर्ड करो और जीएडी को लिखो कि कैसे इसे।
'सेवा से बाहर निकाला जाना चाहिए।'
गौरतलब है कि इस मामले पर टिप्पणी के लिए दोनों अधिकारी उपलब्ध नहीं हो सके। बता दें कि रंजन आर्म्स लाइसेंस मामले में अपनी भूमिका को लेकर सीबीआई जांच का सामना कर रहे हैं, जबकि पिछले साल उनके और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला भी दर्ज किया गया था। कुपवाड़ा के उपायुक्त रह चुके रंजन, जम्मू-कश्मीर में गैर-निवासियों को हजारों हथियार लाइसेंस जारी करने में हुई अनियमितताओं की एजेंसी की जांच के दायरे में हैं।