शाह ने यहां आए संसदीय प्रतिनिधि मंडल के बारे में कहा कि हम हमेशा प्रतिनिधिमंडल का दिल से स्वागत करते हैं लेकिन उन्होंने जम्मू-कश्मीर के कल्याण के लिए इन प्रतिनिधि मंडलों ने कभी कुछ नहीं किया। वे यहां आते हैं, पहलगाम और गुलमर्ग जाते हैं और खाने का आनंद लेते हैं लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया, जिससे राहत मिले। मैं अब तक 10 प्रतिनिधिमंडलों से मिल चुका हूं, लेकिन उनके सामने जो भी मांगें रखी गईं थीं, उनमें से कुछ भी जमीन पर नहीं किया गया।