नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा रुहुल्ला ने बडगाम उपचुनाव में पार्टी के प्रचार से इनकार करते हुए अधूरे वादों और पार्टी की आंतरिक असमंजसता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वोटर के तौर पर वे स्वतंत्र निर्णय लेंगे और पार्टी की ठोस कार्रवाई पर ही प्रचार में हिस्सा लेंगे।
नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के अधूरे वादों और अपने सिद्धांतों पर अडिग रहने की प्रतिबद्धता का हवाला देते हुए श्रीनगर से सांसद और नेकां के नेता आगा रुहुल्ला ने सोमवार को कहा कि वह बडगाम विधानसभा उपचुनाव में पार्टी के प्रचार में हिस्सा नहीं लेंगे। यह पार्टी के अंदर चल रही उथलपुथल का संकेत कहा जा सकता है।
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रुहुल्ला ने कहा, हालांकि पार्टी अंततः उम्मीदवार पर फैसला करेगी लेकिन उन्हें मौजूदा परिस्थितियों में सक्रिय रूप से प्रचार करने का कोई कारण नहीं दिखता। मतदाताओं के साथ उनका जुड़ाव हमेशा पार्टी के दबाव के बजाय विश्वास, जवाबदेही और वादों को पूरा करने पर आधारित रहा है। उन्होंने कहा, पार्टी चाहती है कि मैं लोगों के सामने जाऊं तो कुछ बिंदु हैं जिन पर मैं तुरंत विचार करना चाहता हूं। उसके बाद ही मैं अपनी भागीदारी तय करूंगा। उन्होंने कहा कि वे पहले जनता के प्रति जवाबदेह हैं।
सांसद का अपनी पार्टी से सवाल: विधानसभा में क्या काम किया है बताएं
रुहुल्ला ने पार्टी से घोषणापत्र और मतदाताओं से किए गए अन्य वादों सहित पूर्व प्रतिबद्धताओं पर अनुवर्ती कार्रवाई के बारे में सवाल किया। उन्होंने कहा, मैंने उनसे पूछा, आपने विधानसभा में क्या काम किया? आपने अपने लिए क्या प्रतिबद्धताएं की थी? जब तक इन पर ध्यान नहीं दिया जाता, मैं लोगों के सामने क्यों जाऊं? बडगाम सीट पर नेकां द्वारा बाहरी उम्मीदवार मैदान में उतारने की अटकलों पर रुहुल्ला ने कहा कि वह एक मतदाता के रूप में अपने अधिकार का स्वतंत्र रूप से प्रयोग करेंगे।
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जो भी यहां से चुनाव लड़ना चाहता है उसे लड़ने दो। मेरे पास वोट है। मैं अपने वोट का मालिक हूं। मैं अपना फैसला लूंगा। आरक्षण पर कैबिनेट के फैसले और निर्वाचन क्षेत्र के लिए किए गए वादों को पूरा करने जैसे मुद्दों पर ठोस कार्रवाई पर पार्टी के रुख पर ही तय करेंगे कि वे प्रचार में हिस्सा लेंगे या नहीं।