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श्रीनगर: चार साल जेल में रहने के बाद फिर आतंकी नेटवर्क से जुड़ा उमर डार, ईडी ने चार ठिकानों पर मारे छापे

Wed, 04 Nov 2026 10:45 AM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने टेरर फंडिंग नेटवर्क की जांच के तहत श्रीनगर में लश्कर के ओजीडब्ल्यू उमर आदिल डार और उसके सहयोगियों के चार ठिकानों पर छापेमारी की। उमर पहले भी करीब चार साल जेल में रह चुका है और उस पर दोबारा आतंकी नेटवर्क को आर्थिक मदद पहुंचाने में सक्रिय होने का आरोप है।
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ED ने दो ठिकानों पर मारी रेड
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विस्तार
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आतंक के वित्तीय नेटवर्क पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार सुबह बड़ी कार्रवाई की। केंद्रीय एजेंसी ने श्रीनगर में लश्कर-ए-ताइबा के ओजीडब्ल्यू उमर आदिल डार और उसके सहयोगियों के चार ठिकानों पर एक साथ छापे मारे गए। तलाशी में मिले वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों, बैंक खातों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जा रही है।

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तलाशी अभियान पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों ने मिलकर चलाया। ये कार्रवाई लश्कर से जुड़े टेरर फाइनेंसिंग नेटवर्क, सीमा पार से फंडिंग के चैनलों और अवैध वित्तीय लेन-देन की जांच के सिलसिले में की गई है। अधिकारियों ने बताया कि उमर लंबे समय से लश्कर के नेटवर्क का हिस्सा रहा है। इसके पहले भी उसे भारी मात्रा में नकदी और भड़काऊ किताओं व अन्य सामग्री के साथ गिरफ्तार किया गया था। वह अलगाववादी और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के चलते करीब चार साल तक जेल में बंद रह चुका है। जेल से बाहर आने के बाद वह फिर से कश्मीर में आतंकी नेटवर्क को वित्तीय मदद पहुंचाने में सक्रिय हो गया।
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सीमा पार बैठे हैंडलर्स से जुड़ा है नेटवर्क
ईडी ने टेरर फंडिंग के जरिए जुटाई इस संपत्ति प्रोसीड्स ऑफ क्राइम माना है। एजेंसी उन गुप्त वित्तीय चैनलों और हवाला नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही है जिनका सीधा संपर्क सीमा पार बैठे आतंकी आकाओं से है।

शोपियां में दबोचे गए थे 10 मददगार
शोपियां पुलिस ने 30 अक्तूबर को एक बड़े टेरर फाइनेंसिंग सिंडिकेट का पर्दाफाश किया था। इससे जुड़े 10 आतंकी सहयोगी गिरफ्तार किए थे। ये आम लोगों से गुपचुप तरीके से फंड एकत्रित कर रहे थे। रकम को लश्कर और उसके मुखौटा संगठन टीआरएफ तक पहुंचा रहे थे। ये कार्रवाई उसी नेटवर्क का हिस्सा मानी जा रही है।
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