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पहलगाम हमले पर सवाल: जहां हजारों पर्यटक आते-जाते हैं, वहां सुरक्षा व्यवस्था न होना बड़ी चूक; किसकी जिम्मेदारी?

Sat, 26 Apr 2025 11:01 AM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला, नेटवर्क श्रीनगर

सार

पर्यटन स्थल बायसरन में आतंकी हमले ने सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों और प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया है।
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पहलगाम में आतंकी हमला - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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पहलगाम के बायसरन पर्यटन क्षेत्र में आतंकियों का पहुंचना, पर्यटकों की हत्या करना और वहां से सुरक्षित निकल जाने के बाद से कश्मीर में खुफिया एजेंसियों और सुरक्षा ग्रिड पर सवाल उठ रहे हैं। एक ऐसे पर्यटन स्थल पर, जहां प्रतिदिन हजारों पर्यटकों की आवाजाही रहती है, सुरक्षाकर्मियों की तैनाती न होना न सिर्फ अनंतनाग जिला पुलिस बल्कि सेना की रणनीति पर भी सवाल खड़े कर रहा है।

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सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील इलाका होने के बावजूद सुरक्षा कर्मियों की अनुपस्थिति किसी को भी समझ नहीं आ रही है।बायसरन में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती न होने और आतंकियों के ऐसे पर्यटन स्थल तक पहुंचने पर रक्षा विशेषज्ञ इसे सीधे तौर पर सेना और जिला प्रशासन की विफलता मान रहे हैं।

इलाके की सुरक्षा से लेकर किसी भी तरह की गतिविधि पर नजर रखने की जिम्मेदारी जिला पुलिस की होती है। आतंकी हमले से साफ है कि जिला पुलिस और प्रशासन ने इलाके का सही मूल्यांकन नहीं किया था। अगर जिला प्रशासन यहां से पर्यटकों से शुल्क वसूल रहा है, तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उसी की है। जंगलों से आतंकियों के आने की संभावना पर किसने विचार किया? यह क्षेत्र अमरनाथ यात्रा मार्ग पर भी पड़ता है। ऐसे में यहां सुरक्षा बंदोबस्त न होना अपने आप में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है।

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सेना के पूर्व अधिकारी ने उठाए सवाल
ब्रिगेडियर विजय सागर (सेवानिवृत्त) ने कहा, बायसरन पर्यटन स्थल पर आतंकी बड़ी आसानी से पहुंचे, लोगों से उनका धर्म पूछा और फिर उन्हें गोली मार दी। अगर वहां पुलिस या सेना की तैनाती होती, तो इतना बड़ा नरसंहार न होता। प्रशासन ने अगर उस स्थान पर लोगों को कारोबार करने की इजाजत दी है, तो सुरक्षा को लेकर चिंता क्यों नहीं की? यह सुरक्षा चूक है, जिसकी पहली जिम्मेदारी जिला प्रशासन की है।

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हालांकि सेना की भी जवाबदेही बनती है। आखिर उन्हें इस क्षेत्र की जानकारी क्यों नहीं थी? कड़ी सुरक्षा के बीच संसद समिति ने अनंतनाग का किया था दौरा

पिछले दिनों अनंतनाग जिले में ग्रामीण विकास और पंचायती राज संबंधी संसद की स्थायी समिति का दल आया था। इस दल ने जिले में केंद्र सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों की समीक्षा के लिए अनंतनाग की विभिन्न पंचायतों का दौरा किया था। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
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इन सवालों का जवाब तलाशना होगा
1-पर्यटन स्थल, प्रतिदिन लोगों की आवाजाही बावजूद इसके सुरक्षाबल तैनात क्यों नहीं

2- घने जंगलों में आतंकियों के लिए छिपना और हमला कर वहां से भागना आसान था इसका मूल्यांकन क्यों नहीं3-जिला प्रशासन यहां आने वाले पर्यटकों से शुल्क लेता है, तो सुरक्षा देने की जिम्मेवारी किसकी

4-ऑफ बीट-पर्यटन स्थलों के प्रति लोगों को रुझान बढ़ा, प्रशासन को जानकारी होने के बाद कोई कदम क्यों नहीं उठाया5 कश्मीर में वीवीआईपी की मूवमेंट में सुरक्षा कड़ी रहती है, पर्यटकों की सुरक्षा के लिए कोई बंदोबस्त क्यों नहीं किया गया

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