सेना के पूर्व अधिकारी ने उठाए सवाल
ब्रिगेडियर विजय सागर (सेवानिवृत्त) ने कहा, बायसरन पर्यटन स्थल पर आतंकी बड़ी आसानी से पहुंचे, लोगों से उनका धर्म पूछा और फिर उन्हें गोली मार दी। अगर वहां पुलिस या सेना की तैनाती होती, तो इतना बड़ा नरसंहार न होता। प्रशासन ने अगर उस स्थान पर लोगों को कारोबार करने की इजाजत दी है, तो सुरक्षा को लेकर चिंता क्यों नहीं की? यह सुरक्षा चूक है, जिसकी पहली जिम्मेदारी जिला प्रशासन की है।
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हालांकि सेना की भी जवाबदेही बनती है। आखिर उन्हें इस क्षेत्र की जानकारी क्यों नहीं थी? कड़ी सुरक्षा के बीच संसद समिति ने अनंतनाग का किया था दौरा
पिछले दिनों अनंतनाग जिले में ग्रामीण विकास और पंचायती राज संबंधी संसद की स्थायी समिति का दल आया था। इस दल ने जिले में केंद्र सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों की समीक्षा के लिए अनंतनाग की विभिन्न पंचायतों का दौरा किया था। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
इन सवालों का जवाब तलाशना होगा
1-पर्यटन स्थल, प्रतिदिन लोगों की आवाजाही बावजूद इसके सुरक्षाबल तैनात क्यों नहीं
2- घने जंगलों में आतंकियों के लिए छिपना और हमला कर वहां से भागना आसान था इसका मूल्यांकन क्यों नहीं3-जिला प्रशासन यहां आने वाले पर्यटकों से शुल्क लेता है, तो सुरक्षा देने की जिम्मेवारी किसकी
4-ऑफ बीट-पर्यटन स्थलों के प्रति लोगों को रुझान बढ़ा, प्रशासन को जानकारी होने के बाद कोई कदम क्यों नहीं उठाया5 कश्मीर में वीवीआईपी की मूवमेंट में सुरक्षा कड़ी रहती है, पर्यटकों की सुरक्षा के लिए कोई बंदोबस्त क्यों नहीं किया गया
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