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जुमे की नमाज से पहले घाटी में सख्ती: खामनेई की मौत के विरोध में कश्मीर सुलगा, लाल चौक पूरी तरह सील

Fri, 06 Mar 2026 12:12 PM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

ईरान के सर्वोच्च नेता खामनेई की हत्या के विरोध में कश्मीर घाटी में लगातार छठे दिन भी तनाव बना रहा, जिसके चलते प्रशासन ने सख्त पाबंदियां लागू कर दी हैं। संभावित प्रदर्शनों को देखते हुए सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ाई गई है, शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए हैं और इंटरनेट की स्पीड भी कम कर दी गई है।
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लाल चौक पर सुरक्षाबल तैनात - फोटो : बासित जरगर
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विस्तार
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कश्मीर घाटी में शुक्रवार को लोगों की आवाजाही पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए गए। प्रशासन को आशंका है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई की हत्या के विरोध में जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शन हो सकते हैं।

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लाल चौक पर सुरक्षाबल तैनात - फोटो : बासित जरगर
अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त हमलों में खामनेई की मौत के विरोध में घाटी में पिछले छह दिनों से विरोध प्रदर्शन जारी हैं, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, सोमवार को पाबंदियां तब लगाई गई थीं, जब एक दिन पहले घाटी के कई इलाकों में अचानक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे।

लाल चौक पर सुरक्षाबल तैनात - फोटो : बासित जरगर
इस बीच जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को हालात सामान्य करने के प्रयासों के तहत नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और धार्मिक नेताओं के साथ बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।

लाल चौक पर सुरक्षाबल तैनात - फोटो : बासित जरगर
अधिकारियों के मुताबिक, इस बैठक के बाद विरोध प्रदर्शनों में कुछ कमी आई है। मंगलवार को जहां कई दर्जन स्थानों पर कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित थी, वहीं गुरुवार तक यह संख्या घटकर दस से भी कम रह गई।

लाल चौक पर सुरक्षाबल तैनात - फोटो : बासित जरगर
सरकार ने एहतियात के तौर पर शनिवार तक सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का आदेश दिया है और मोबाइल इंटरनेट की गति भी कम कर दी गई है।

लाल चौक पर सुरक्षाबल तैनात - फोटो : बासित जरगर
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शुक्रवार सुबह से ही श्रीनगर शहर में बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ के जवान तैनात किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि शहर के कई प्रमुख चौराहों पर कंटीले तार और बैरिकेड्स लगाए गए हैं ताकि प्रदर्शनकारियों की भीड़ को रोका जा सके।

लाल चौक पर सुरक्षाबल तैनात - फोटो : बासित जरगर
शहर के केंद्र लाल चौक स्थित प्रसिद्ध घंटाघर इलाके को भी पूरी तरह सील कर दिया गया है। रविवार रात को यहां बैरिकेड लगाकर इसे नो-गो जोन घोषित कर दिया गया था, क्योंकि खामनेई की हत्या के बाद रविवार को इसी जगह बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे।
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लाल चौक पर सुरक्षाबल तैनात - फोटो : बासित जरगर
अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद यह पहला मौका है, जब कश्मीर घाटी में इतने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं।
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