आतंकी गतिविधियों के शक में सोमवार को दिल्ली में गिरफ्तार किए गए पांच लोगों में शामिल बडगाम के तीन लोगों के परिजनों ने मंगलवार को बारिश के बीच यहां प्रदर्शन किया और रिहाई की मांग की।
प्रेस क्लब में महिलाओं ने कहा कि उनके परिवार के लोग निर्दोष हैं। उनका आतंकवाद से कोई लेना-देना नहीं है। दिल्ली पुलिस झूठ बोल रही है कि इनके आतंकी संगठनों के साथ संबंध हैं। कश्मीर में इनका पुलिस रिकॉर्ड भी साफ है। पहले कभी उन्हें किसी मामले में हिरासत में नहीं लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में से एक अयूब पठान के बेटे ने कहा कि उनके पिता का बैंड है और वह कुछ सामग्री खरीदने दिल्ली गए थे। शब्बीर अहमद गोजरी की पत्नी ने बताया कि उनके पति हर साल अजमेर शरीफ जाते हैं।
इस बार उनके साथ गांव का ही एक और युवक रियाज अहमद गया था। परिजनों ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह से हस्तक्षेप की मांग करते हुए उनकी रिहाई कराने की अपील की।
बता दें, सोमवार को आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के शक में दिल्ली में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें तीन बडगाम जिले के नसरूल्ला पोरा का रियाज अहमद राथर, शब्बीर अहमद गोजरी और गोंदीपोरा गांव का मोहम्मद अयूब पठान शामिल है। दो अन्य लोग पंजाब से हैं।