जम्मू। जम्मू संभाग में तमाम विभागों के अस्थायी कर्मचारियों ने हड़ताल के 21वें दिन भी कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों को अनसुना किया जा रहा है। इस कारण वे परेशान हैं। मांगें न मानने पर उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।
अभी तक अधिकारियों ने कर्मचारी नेताओं से दूरी बनाई रखी है। मसले के हल के लिए कोई भी बैठक नहीं हो पाई है। बुधवार को जम्मू संभाग में साठ हजार से ज्यादा कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हड़ताल में लोक निर्माण विभाग, बिजली कारपोरेशन, जलशक्ति, फ्लोरीकल्चर, एग्रीकल्चर, आरएंडबी, एस्टेट, पीएमएसजीवाई शामिल हैं। ऑल डिपार्टमेंट केजुअल लेबर फ्रंट के अध्यक्ष सतीश शर्मा ने कहा कि हड़ताल जारी है, जो मांगें हल होने तक जारी रहेगी। इस बार उग्र आंदोलन शुरू किया जा सकता है। इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
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ये हैं मांगें
- अस्थायी कर्मचारियों को पक्का किया जाए।
- लंबित वेतनमान को जारी किया जाए।
- न्यूनतम वेतनमान को लागू किया जाए।
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हड़ताल का असर
हड़ताल के कारण तमाम कार्यालयों में स्थायी कर्मचारियों को ही काम करना पड़ा। विभागों में कामकाज के लिए आए लोगों को भी परेशानी आई। फाइलें इधर से उधर नहीं हो पाईं। इसके अलावा बिजली कारपोरेशन के अस्थायी कर्मचारी हड़ताल पर होने के कारण बिजली कट सहन करने पड़े। शहर के नरवाल, सुजवां, मुट्ठी समेत अन्य इलाकों में तीन-चार घंटे तक बिजली कौटती रही।
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आधे से ज्यादा शहर में पानी का संकट
जम्मू। जलशक्ति विभाग में अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल से पानी का संकट गहराता जा रहा है। बुधवार को आधे से ज्यादा शहर में पानी की किल्लत का सामना करना पड़ा। वार्डों में स्थानीय पार्षदों और पुलिस ने भी पानी छोड़ने में सहयोग किया। नरवाल, सुजवां, सिदड़ा, बटिंडी, सैनिक कॉलोनी, तालाब तिल्लो, जानीपुर, रूपनगर, तोप शेरखानिया, मुट्ठी, रूपनगर, भवानी नगर, श्याम नगर, विहार नगर, गोल पुली, विकास लेन और गोरखा नगर में पानी की किल्लत रही। गोरखा नगर के लोगों को तवी से ही पानी की व्यवस्था करना पड़ी है। लोग सुबह ही वाहनों के माध्यम से पानी भरते रहे। हड़ताल ज्यादा दिन चलती है तो परेशानियां और बढ़ सकती हैं।