श्रीनगर। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने 30 दिनों तक पवित्र रमजान में रोजे रखने के बाद वीरवार को ईद-उल-फित्र का त्योहार मनाया। श्रीनगर शहर में भी लोगों ने बड़ी ही सादगी के साथ इस महामारी के दौर में ईद मनाई। लोगों ने छोटी-छोटी सभाओं में नमाज अता की। समुदाय ने विश्व को कोरोना से निजात के लिए दुआ मांगी।
कोरोना कर्फ्यू को ध्यान में रखते हुए पूरे शहर में सख्त पाबंदियां लागू की गई थीं। श्रीनगर में लोगों ने सुबह ही अपने मोहल्लों की मस्जिदों में नमाज अता की और इस महामारी को दूर करने के लिए अल्लाह से विशेष दुआ मांगी। जहां पिछले दो सप्ताह से श्रीनगर की मुख्य मस्जिदों और दरगाह को नमाज के लिए बंद किया गया था, वहीं इस ईद के अवसर पर भी जामिया मस्जिद, हजरतबल दरगाह के साथ साथ अन्य कई मुख्य मस्जिदों में ईद की नमाज अता नहीं की गई।
अधिकतर मस्जिदों में मस्जिद कमेटियों ने कोविड एसओपी का पालन कराया। बिना मास्क के किसी भी व्यक्ति को मस्जिद परिसर में दाखिल नहीं होने दिया गया। नमाज के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया। इस बार लगातार दूसरे साल कोविड के चलते जामिया मस्जिद में ईद की नमाज नहीं पढ़ी गई। वहीं श्रीनगर शहर में सुबह से ही पुलिस और प्रशासन ने सख्त पाबंदियां लगाई थीं। बिना किसी कारण किसी को भी सड़कों पर घूमने नहीं दिया गया।