श्रीनगर। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार पर जम्मू-कश्मीर के संसाधनों को लूटने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भूमि कानून को निरस्त करना, बाहरी लोगों को यूटी में जमीन खरीदने की अनुमति देना, डोमिसाइल कानून लागू करना आदि यहां के लोगों के अधिकार छीनना है। गुपकार स्थित आवास पर पत्रकारों से बात करते हुए महबूबा ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के फैसलों के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की कोशिश की, लेकिन हमारे कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया और उन्हें पुलिस स्टेशन में रखा गया। मैंने उनसे मिलने की कोशिश की लेकिन इसकी अनुमति नहीं दी गई।
महबूबा ने कहा, मुझे खुशी है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों को भी गुपकार घोषणा के लिए गठजोड़ का अहसास हुआ है क्योंकि केंद्र में भाजपा की अगुवाई वाली सरकार के इरादे अब बिल्कुल स्पष्ट हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि एकजुट होकर केंद्र सरकार की जम्मू-कश्मीर विरोधी नीतियों के खिलाफ लड़ना होगा। उन्होंने कहा कि नया भूमि कानून सिर्फ एक चुनावी स्टंट है क्योंकि बिहार में चुनाव चल रहे हैं और पश्चिम बंगाल में होने जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पहले डोमिसाइल कानून पेश किया गया, फिर सरकार ने घोषणा की कि वह 22 साल की सेवा के बाद किसी भी सरकारी कर्मचारी को रिटायर कर सकती है। महबूबा ने कहा कि वे इस खुली लूट की अनुमति नहीं देती। अन्य भारतीय राज्यों में लोगों के पास खाने के लिए भोजन नहीं है लेकिन भाजपा सरकार चाहती है कि वह जम्मू-कश्मीर में जमीन खरीदें। महबूबा ने कहा कि आज जम्मू-कश्मीर को एक बड़ी जेल में बदल दिया गया है।
अगली रणनीति के सवाल पर उन्होंने कहा कि मेरे दिल में क्या है, कैसे अभी बता दूं। साथ ही कहा, सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है जोर कितना बाजू-ए-कातिल में है।