पहलगाम। परिसीमन आयोग के समक्ष विभिन्न पार्टियों के नेताओं ने अपनी पार्टी का रुख रखा। सबका कहना था कि किसी के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। पारदर्शी तरीके से परिसीमन की प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए।
अल्ताफ अहमद कल्लू के नेतृत्व में नेकां ने कहा कि पांच अगस्त 2019 का अनुच्छेद 370 हटाने का फैसला गलत था। हमने उसे सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी है तब तक परिसीमन प्रक्रिया सांविधानिक नहीं होगी। आयोग पर हमें विश्वास है कि 2011 की जनगणना के आधार पर ही विधानसभा की सीटों को बढ़ाया जाए। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष गुलजार अहमद वाणी ने कहा कि हमने अपनी बात आयोग के सामने रखी और कहा कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा मिलना चाहिए।
भाजपा नेता रफीक अहमद वाणी ने कहा कि बैठक में हमने आयोग से कहा कि सभी लोगों को हक मिलना चाहिए। अनुसूचित जनजाति को भी अधिकतम प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए। अपनी पार्टी के नेता रफी अहमद मीर ने कहा कि 2011 की जनगणना के अनुसार ही परिसीमन करने की बात रखी। कश्मीरी पंडितों की एक टीम ने भी आयोग की टीम से मिलकर जोर दिया कि घाटी में कश्मीरी पंडितों के लिए भी सीटें मिलनी चाहिए। आयोग की टीम सुबह ही पहलगाम पहुंच गई थी। पहलगाम क्लब में टीम ने क्लब में पहले पुलवामा, कुलगाम, अनंतनाग और शोपियां के डीसी से मुलाकात की