सोपोर के जालूरा इलाके में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जमात-ए-इस्लामी से जुड़े दो लोगों के घरों पर यूएपीए के तहत छापेमारी कर आपत्तिजनक सामग्री जब्त की। यह कार्रवाई अलगाववादी नेटवर्क की जांच के तहत की गई, जिसका मकसद गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल ढांचों को बेनकाब करना है।
उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के सोपोर में अलगाववादी व आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ अभियान में जमात-ए-इस्लामी से जुड़े लोगों के यहां छापा मारा गया। इस दौरान आपत्तिजनकर सामग्री जब्त की गई।जम्मू कश्मीर पुलिस ने बुधवार को जालूरा इलाके में जमात-ए-इस्लामी (जीआई) से जुड़े दो लोगों के घरों पर तलाशी अभियान चलाया। पुलिस के अनुसार एक सक्षम अदालत से गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत उचित तलाशी वारंट प्राप्त करने के बाद ये तलाशी ली गई।
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अधिकारियों ने पुष्टि की कि जालूरा सोपोर निवासी मोहम्मद मकबूल भट और तनवीर अहमद डार - दोनों के घरों की स्थानीय मजिस्ट्रेट और स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में गहन तलाशी ली गई। पुलिस ने कहा कि यह प्रक्रिया सख्त कानूनी अनुपालन और पारदर्शिता के साथ की गई।
सूत्रों के अनुसार तलाशी के दौरान आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई जिसके प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी से जुड़े होने की आशंका है। जब्त की गई सामग्री को कब्जे में ले लिया गया है और जांच के तहत उसकी आगे जांच की जाएगी।अधिकारियों ने जांच की संवेदनशीलता का हवाला देते हुए विस्तृत जानकारी देने से इन्कार किया लेकिन कहा कि यह सामग्री अलगाववादी और गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल नेटवर्क का पता लगाने में अहम साबित हो सकती है।
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पुलिस ने कहा कि ये छापे अचानक नहीं मारे गए बल्कि यूएपीए के तहत दर्ज मामलों से जुड़ी एक व्यापक जांच प्रक्रिया का हिस्सा थे। इस कार्रवाई का उद्देश्य उन सहायक ढांचों की पहचान करना और उन्हें ध्वस्त करना है जो अलगाववादी विचारधारा को बढ़ावा देते हैं या प्रतिबंधित संगठनों को रसद सहायता प्रदान करते हैं।