जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में फसल बीमा योजना लागू नहीं किए जाने के विरोध में रविवार को पीडीपी कार्यकर्ताओं और किसानों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर किसानों और बागवानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
शोपियां शहर में बड़ी संख्या में पीडीपी कार्यकर्ता और किसान एकत्र हुए और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस साल भारी बारिश और ओलावृष्टि के कारण जिले में सेब, चेरी और अन्य कृषि एवं बागवानी फसलों को काफी नुकसान हुआ है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक वहां से हटने को कहा, लेकिन उन्होंने प्रदर्शन जारी रखा। इसके बाद पुलिस ने कई पीडीपी कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
पूर्व पीडीपी विधायक एजाज अहमद मीर ने दावा किया कि उन्हें प्रदर्शन से पहले ही घर में नजरबंद कर दिया गया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि नजरबंदी के बावजूद किसानों की आवाज को दबाया नहीं जा सका और शोपियां के घंटाघर पर बड़ी संख्या में फल उत्पादकों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।
मीर ने कहा कि सेब और चेरी के लिए फसल बीमा योजना लागू करने की मांग किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि क्षेत्र के हजारों किसानों और बागवानों की सामूहिक मांग है। प्रदर्शनकारियों ने हाल की ओलावृष्टि और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को पूर्ण मुआवजा देने की भी मांग की।