फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर: ब्रिक्स में भारत ने खुलकर नहीं रखी बात, महबूबा मुफ्ती बोलीं- 'कुर्सी मिली, लेकिन मुंह बंद रहा'

Sun, 13 Sep 2026 01:54 PM IST
Nikita Gupta अमर उजाला, नेटवर्क श्रीनगर

सार

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने ब्रिक्स सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वैश्विक मुद्दों खासकर मानवाधिकार और पश्चिम एशिया की स्थिति पर भारत की आवाज मजबूती से न उठाने का आरोप लगाया।
विज्ञापन
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रुख पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भारत के पास इस मंच पर वैश्विक मानवाधिकार और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर मजबूती से अपनी बात रखने का मौका था लेकिन प्रधानमंत्री ने बेहद सावधानी से शब्दों का चयन किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

महबूबा ने कहा कि भारत लंबे समय से मानवाधिकार, लोकतंत्र और स्वतंत्र विदेश नीति का समर्थक रहा है। इसके बावजूद गाजा और पश्चिम एशिया में हुई घटनाओं को लेकर भारत की ओर से अपेक्षित मजबूती से आवाज नहीं उठाई गई। उन्होंने कहा, “हमें अध्यक्षता तो मिली, लेकिन हमारी आवाज बंद रही।

महबूबा ने ब्रिक्स के दिल्ली घोषणापत्र का स्वागत किया, जिसमें पहलगाम आतंकी हमले की निंदा और पश्चिम एशिया की स्थिति पर कड़ा रुख अपनाया गया है। उन्होंने कहा कि भारत को इस घोषणा की पहल करते हुए सबसे आगे रहना चाहिए था।

पीडीपी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में भारत की विदेश नीति में बदलाव आया है और आतंकवादी हमलों की निंदा में भी चयनात्मक रवैया अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ रही है, जबकि भारत अभी भी महाशक्ति-केंद्रित सोच में फंसा हुआ है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें