पहलगाम में मंगलवार को आतंकी हमला हुआ तो सैलानी को घोड़े पर ले जा रहे आदिल हुसैन ने एक आतंकी की राइफल छीनने की कोशिश की। इस पर आतंकी ने उन्हें भी गोली मार दी। सैलानी को बचाने की कोशिश में जान देने वाले सैयद आदिल हुसैन शाह की बहादुरी को सभी सलाम कर रहे हैं।
मंगलवार को अनंतनाग के बाइसरन में आतंकियों ने सैलानियों का नाम पूछ-पूछकर गोली मारी। इस खौफनाक वारदात के समय सैयद आदिल हुसैन शाह भी वहां मौजूद थे, जो अपने घोड़े पर एक सैलानी को सैर करा रहे थे। जैसे ही एक आतंकी उनके पास आया, उन्होंने झपट्टा मारकर उसकी राइफल छीननी चाही।
चूंकि आतंकी पहले से ही गोलियां चला रहा था, उसने राइफल को आदिल हुसैन की ओर मोड़ दिया। सैलानी को बचाने के लिए उन्होंने अपनी जान दे दी। इस हमले में मारे गए आदिल एकमात्र स्थानीय व्यक्ति हैं।परिजन ने बताया कि आदिल अपने परिवार में कमाने वाले अकेले थे। परिवार में उनके बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और बच्चे हैं। शाह की मां ने बताया कि मेरा बच्चा बहादुर था। सुबह वह घर से निकला था। मुझे कहा कि मां जल्दी वापस आऊंगा, लेकिन उसका शव ही वापस आया।
आदिल के पिता सैयद हैदर शाह ने बताया, मेरा बेटा काम के लिए पहलगाम गया था, और दोपहर करीब 3 बजे हमें हमले के बारे में पता चला। हमने उसे कॉल किया, लेकिन उसका फोन बंद था।बाद में, 4:40 बजे उसका फोन चालू हुआ, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया। हम पुलिस स्टेशन भागे, और तभी हमें पता चला कि उसे हमले में गोली लगी है। जो भी इसके लिए जिम्मेदार है, उसे परिणाम भुगतने चाहिए।