पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने लंबे विचार-विमर्श के बाद उमर के चुनाव न लड़ने संबंधी पूर्व बयान को खारिज कर दिया। उमर ने कहा था, जब तक जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश बना रहेगा, वह चुनाव नहीं लड़ेंगे।
दो बार विधायक रह चुके हैं उमर
उमर अब्दुल्ला 2009 से 2015 तक जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री रहे। वह दो बार सांसद भी रहे। इसके साथ ही गांदरबल (2008-2014) और बीरवाह (2014-2019) से विधायक रहे। वह 2002 का विधानसभा चुनाव गांदरबल से पीडीपी के काजी मोहम्मद अफजल से हार गए थे।