श्रीनगर के डाउन टाउन इलाके में जामिया मस्जिद के बाहर उपद्रव करते युवक। संवाद
- फोटो : SHRINAGAR
श्रीनगर। हुर्रियत कांफ्रेंस (एम) के अध्यक्ष मीरवाइज मौलवी उमर फारूक को शुक्रवार को भी रिहा नहीं किया गया। उनकी रिहाई के लिए जामिया मस्जिद में नमाजियों ने प्रदर्शन किया। वहीं नमाज के बाद उपद्रवियों ने पत्थरबाजी भी की। पुलिस को हालात पर काबू पाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
वीरवार को खबर सामने आई थी कि करीब 20 महीने के बाद मीरवाइज मौलवी उमर फारूक को रिहा किया जाएगा और वह जुमे की नमाज से पहले ऐतिहासिक जामिया मस्जिद में संबोधित करेंगे। लेकिन शुक्रवार को उन्हें घर से नहीं निकलने दिया गया और ना ही उन्हें जामिया मस्जिद जाने दिया गया। उनके एक करीबी ने बताया वीरवार देर रात ही पुलिस की एक टीम उनके घर पहुंची और उन्हें बताया गया कि वह नजरबंद रहेंगे। सुबह से ही मीरवाइज के नगीन स्थित घर के बाहर पुलिस की कई गाड़ियां और नफरी तैनात की गई थी। मीरवाइज की रिहाई न होने पर जुमे की नमाज के लिए पहुंचे नमाजियों ने हाथों में पोस्टर लेकर उनकी रिहाई की मांग की। नमाज के बाद उपद्रवियों ने नारेबाजी की। इस दौरान पाकिस्तान के झंडे भी लहराए गए।
पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले
प्रदर्शन उग्र होते देख पुलिस ने हालात पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। काफी देर की मशक्कत के बाद हालात को काबू में किया जा सका। पत्थरबाजी के दौरान एक राह चलती महिला को सिर पर पत्थर लगने से चोट पहुंची। कुछ पत्रकारों के साथ भी पुलिस ने बदसलूकी की। एक कैमरामैन शफात ने बताया कि पुलिस ने उन्हें बंदूक के बट से पीठ पर मारा। पुलिस की इस हरकत की कश्मीर प्रेस क्लब (केपीसी) ने भी निंदा की।