फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लद्दाख के मुद्दों पर केंद्र से फिर नहीं बनी बात: सरकारी मसौदा खारिज, 22 अक्तूबर को दिल्ली में वार्ता

Fri, 16 Oct 2026 02:24 PM IST
Nikita Gupta अमर उजाला, नेटवर्क लेह

सार

लेह में केंद्र सरकार और लद्दाख के संगठनों के बीच करीब तीन घंटे चली वार्ता बेनतीजा रही। केडीए और एलएबी ने केंद्र के 15 पन्नों के मसौदे को खारिज करते हुए पूर्ण राज्य का दर्जा और संवैधानिक सुरक्षा की मांग दोहराई।
विज्ञापन
केडीए और एलएबी - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लद्दाख के अधिकारों व सांविधानिक उपायों पर केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ वीरवार को लेह में हुई उच्च स्तरीय उप समिति की बैठक बेनतीजा रही। गृह मंत्रालय की ओर से रखे गए मसौदे को कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) और लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) ने स्वीकार करने से इन्कार कर दिया। हालांकि, केंद्र के मसौदे में क्या था, इस पर दोनों संगठनों ने कोई टिप्पणी नहीं की। अब नया प्रस्ताव 18 अक्तूबर को आएगा।

विज्ञापन
Trending Videos

इसके बाद 22 अक्तूबर को दिल्ली में बैठक होगी।लेह में शाम को हुई इस बैठक से काफी उम्मीदें थीं कि केंद्र के साथ किसी प्रमुख मुद्दे पर सहमति बन सकती है। लगभग तीन घंटे तक चली वार्ता में एलएबी और केडीए के चार-चार प्रतिनिधि शामिल हुए। इसके अलावा लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद (एलएएचडीसी) लेह के पूर्व चेयरमैन ताशी ग्यालसन और पूर्व सांसद थुपस्तान छेवांग भी उपस्थित रहे। वहीं, एलएएचडीसी कारगिल के चेयरमैन डॉ. मोहम्मद जाफर अखून भी बैठक में मौजूद थे।

बैठक में केंद्र सरकार की ओर से अधिकारियों ने अपना मसौदा प्रस्ताव रखा, जबकि लद्दाख के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों व सुझावों की अलग प्रस्तुति दी। दोनों पक्षों के प्रस्तावों में बड़ा अंतर होने के चलते कोई सहमति नहीं बन पाई। ताशी ग्यालसन ने कहा कि गृह मंत्रालय ने 15 पृष्ठों का विस्तृत मसौदा प्रस्ताव प्रस्तुत किया था, जो हमारे मूल मुद्दों से मेल नहीं खाता। ऐसे में इसे अस्वीकार कर दिया गया। वहीं छेरिंग दोरजे ने कहा कि दोनों पक्षों ने अपने-अपने मसौदे रखे थे, लेकिन बिंदुओं के बीच काफी अंतर बना हुआ है।केडीए के सह-अध्यक्ष असगर अली करबलाई ने कहा कि केंद्र का प्रस्ताव लद्दाख के लोगों की मांगों और आकांक्षाओं पर खरा नहीं उतरता है। उन्होंने दोहराया कि दोनों संगठन पूर्ण राज्य का दर्जा, विधायिका, कार्यपालिका व वित्तीय शक्तियों सहित लोकतांत्रिक अधिकारों तथा सांविधानिक गारंटी हासिल करने के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
विज्ञापन

केंद्र अब 18 को फिर देगालद्दाख के संगठनों की ओर से प्रस्ताव अस्वीकार किए जाने के बाद अब गृह मंत्रालय इसे नए सिरे से तैयार करेगा। केंद्र नया प्रस्ताव 18 अक्तूबर को लद्दाख के प्रतिनिधियों को सौंपेगा। ग्यालसन ने बताया कि नए मसौदे का अध्ययन करने के बाद केडीए व एलएबी के प्रतिनिधि 22 अक्तूबर को अगली वार्ता के लिए दिल्ली जाएंगे, जहां सरकार के प्रस्ताव पर अपना जवाब रखेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधायिका का गठन और अनुच्छेद 371 के तहत संवैधानिक सुरक्षा उपाय उनकी प्रमुख मांगें हैं। इससे कम पर कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें