अधिकारियों ने बताया कि जम्मू स्थित विशेष एनआईए अदालत द्वारा 30 अप्रैल 2026 को जारी किए गए एक आदेश के बाद यह जब्ती की गई है। इस संपत्ति को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 33 (1) के तहत एनआईए के मामले (आरसी-01/2020/एनआईए/जेएमयू) के सिलसिले में कुर्क किया गया है। आरोपी शाहीन को एनआईए ने पहले एक अवैध हथियार मामले में गिरफ्तार किया था और फिलहाल वह नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है।गौरतलब है कि सूत्रों ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई एनआईए की उस हाई-प्रोफाइल जांच का हिस्सा है, जो भारत में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों की मिलीभगत से रची गई एक गहरी साजिश से जुड़ी है। इस जांच का मुख्य फोकस अवैध हथियारों के नेटवर्क, टेरर फंडिंग और जम्मू-कश्मीर पुलिस के पूर्व पुलिस डीएसपी दविंदर सिंह के साथ हिजबुल के आतंकवादियों की धरपकड़ से जुड़े मामले पर है।