नजीर हुसैन पर सुरनकोट इलाके में अक्तूबर 2024 में एक ओवरग्राउंड वर्कर के कब्जे से कई ग्रेनेड बरामद होने के मामले में आतंकी साजिश में शामिल होने का आरोप है। जांच में सामने आया कि ग्रेनेड की यह खेप सीमा पार से नजीर हुसैन ने भेजी थी। इसका इस्तेमाल धमाकों को अंजाम देने के लिए किया जाना था।
आरोपी कई नामों से भी जाना जाता है। इनमें अली खान, नासिर, नजीरू और शाहीन शामिल हैं। मामले की जांच एनआईए कर रही है।
गिरफ्तारी वारंट के बावजूद नहीं हुआ पेश
विशेष एनआईए न्यायाधीश प्रेम सागर ने एक अक्तूबर को एनआईए की याचिका पर सुनवाई के बाद भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 84 के तहत नजीर हुसैन को घोषित अपराधी घोषित किया।
अदालत के आदेश के मुताबिक आरोपी के खिलाफ पहले ही गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा चुका था। हालांकि जब वारंट की तामील के लिए टीम उसके घर पहुंची तो वह वहां नहीं मिला। एनआईए की रिपोर्ट के अनुसार आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए पाकिस्तान भाग गया है।
अदालत ने यह भी कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से आरोपी की गिरफ्तारी के लिए नोटिस अखबारों और जम्मू-कश्मीर के आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित किए गए थे। इसके बावजूद आरोपी न तो अदालत के सामने पेश हुआ और न ही उसने आत्मसमर्पण किया। अदालत ने माना कि आरोपी जानबूझकर गिरफ्तारी से बच रहा है।