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Kashmir: भाजपा कश्मीर की धार्मिक, सूफी परंपराओं को खत्म कर रही- महबूबा मुफ्ती

Wed, 21 Sep 2022 03:00 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

महबूबा मुफ्ती ने भाजपा सरकार पर विभाजनकारी एजेंडे को लागू करने के लिए कश्मीर की सभी धार्मिक और सूफी परंपराओं को खत्म करने का आरोप लगाया।
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महबूबा मुफ्ती का जीवन परिचय - फोटो : instagram
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विस्तार
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जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने भाजपा सरकार पर विभाजनकारी एजेंडे को लागू करने के लिए कश्मीर की सभी धार्मिक और सूफी परंपराओं को खत्म करने का आरोप लगाया। पूर्व मुख्यमंत्री सोमवार को जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड द्वारा जारी एक आदेश पर प्रतिक्रिया दे रही थी, जिसमें सभी 'दस्तारबंदी' (एक प्रभावशाली व्यक्ति के सम्मान के रूप में सिर पर पगड़ी बांधना) समारोहों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

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महबूबा ने ट्वीट में लिखा, 'पाखंड की कोई सीमा नहीं है क्योंकि भाजपा खुद मंदिर, दरगाह या गुरुद्वारे में पगड़ी बांधने का कोई मौका नहीं छोड़ती है। वे तब तक रुकने के लिए तैयार नहीं हैं जब तक कि वे अपने विभाजनकारी एजेंडे को लागू करके नियंत्रण करने के लिए हमारी सभी धार्मिक और सूफी परंपराओं को खत्म नहीं कर देते।'

बता दें कि आदेश में कहा गया है कि राजनीतिक नेताओं के लिए उनकी राजनीतिक संबद्धता के अनुसार दस्तारबंदी की जा रही है। आदेश में कहा गया है कि दस्तारबंदी केवल धार्मिक क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल करने वालों को सम्मानित करने के लिए की जानी चाहिए।
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पीडीपी नेता ने कहा, 'जम्मू-कश्मीर की सांस्कृतिक और पारंपरिक प्रथाओं को कुचलना-धार्मिक नेताओं को गिरफ्तार करना, सज्जाद नशीनों को उनके पारंपरिक कर्तव्यों का पालन करने से रोकना और अब दस्तारबंदी पर प्रतिबंध लगाना, जो धार्मिक स्थानों पर आशीर्वाद देने का एक सार्वभौमिक समारोह है।'

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