पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने एक बार फिर पाकिस्तान से वार्ता का राग अलापा है। उन्होंने केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर के दीर्घकालिक मुद्दों के समाधान के लिए सार्थक सुलह, संवाद और विसैन्यीकरण को अपनाने का आग्रह किया। कहा कि देश गरीबी से जूझ रहा है, हम हथियार खरीद रहे हैं।
पीडीपी अध्यक्ष पार्टी के 26वें स्थापना दिवस पर श्रीनगर के शेर ए कश्मीर पार्क में जनसभा को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने केंद्र की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा, जम्मू-कश्मीर के बिना भारत की विदेश नीति क्या है, दशकों के संघर्ष ने केवल कष्ट ही दिए हैं, युद्ध समाप्त हुए हैं और उनकी जगह नए युद्ध आए हैं। पाकिस्तान ने युद्ध मशीनरी में निवेश किया है। भारत, जिसे कभी अपनी ताकत और बुद्धिमत्ता के लिए हाथी कहा जाता था, ने जम्मू-कश्मीर को कठोर रुख से जकड़ रखा है। विदेश मंत्री का हवाला देते हुए महबूबा ने कहा, चीन की जीडीपी और आज भारत की स्थिति देखिए। यह मेरे शब्द नहीं हैं, बल्कि हमारी गलत प्राथमिकताओं का प्रतिबिंब हैं।
उन्होंने कहा, हमारे देश में कई स्कूलों में शौचालयों व शुद्ध पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, फिर भी हम हथियार खरीदने और सीआरपीएफ की और कंपनियां तैनात करने को प्राथमिकता देते हैं। कितनी सुरक्षा पर्याप्त है। सैन्यीकरण जख्मों को नहीं भर सकता। जब तक केंद्र जम्मू-कश्मीर के लोगों को सहानुभूति के साथ गले नहीं लगाता और उनकी वास्तविक आकांक्षाओं को पूरा नहीं करता, तब तक कोई प्रगति नहीं होगी।
प्रधानमंत्री से की सुलह की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए महबूबा ने उनसे साहसिक नेतृत्व का आग्रह किया। कहा, 120 करोड़ लोगों के जनादेश के साथ आपके पास जम्मू-कश्मीर की कहानी को फिर से लिखने की शक्ति है। अगर भारत को चीन जैसे देशों से आगे निकलना है, तो उसे इस युद्ध जैसी व्यवस्था को समाप्त करना होगा और सुलह की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।
अनुच्छेद 370 हटाने से अलगाव और गहरा हुआ
पीडीपी अध्यक्ष ने क्षेत्र में शासन के प्रति केंद्र के दृष्टिकोण की भी आलोचना की। कहा कि अनुच्छेद 370 को हटाने से शांति या समृद्धि नहीं आई है, बल्कि अलगाव और गहरा हुआ है। जम्मू-कश्मीर के लोग दुश्मन नहीं हैं, वे न्याय और समावेश की मांग करने वाले नागरिक हैं। केंद्र को इस क्षेत्र को सुरक्षा समस्या मानना बंद करना चाहिए।
हमारा लक्ष्य एक शांतिपूर्ण, समृद्ध जम्मू-कश्मीर
महबूबा मुफ्ती ने संवाद के प्रति पार्टी की अटूट प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा, चाहे सत्ता में हो या विपक्ष में पीडीपी ने हमेशा दमन के बजाय संवाद को प्राथमिकता दी है। हमारा लक्ष्य एक शांतिपूर्ण, समृद्ध जम्मू-कश्मीर है, जो आपसी सम्मान के माध्यम से भारत के साथ एकीकृत हो, न कि जबरदस्ती के माध्यम से।