मैं अपने भांजे-भांजियों के पास आया हूं
मेधावियों को मेडल और डिग्री प्रदान करने के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि मैं यहां मुख्य अतिथि बनकर नहीं, बल्कि अपने भांजे-भांजियों के पास आया हूं। सुखद है कि यहां देश के 30 राज्यों के साथ ही विदेशी छात्र भी पढ़ रहे हैं। इन्हीं की बदौलत स्टेट यूनिवर्सिटी में स्काॅस्ट पांचवें स्थान पर है और जल्द ही पहले नंबर पर भी काबिज होगा।
अंदाज...उमर जी तुमने पुकारा और हम चले आए
चौहान ने चुटीले अंदाज में कहा कि कुछ दिनों पहले दिल्ली में मुख्यमंत्रियों की बैठक के दौरान सीएम उमर अबदुल्ला से जम्मू-कश्मीर में कृषि, बागवानी व अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई थी। उन्होंने विस्तार से चर्चा के लिए जम्मू-कश्मीर बुलाया था, तो लो उमर जी तुमने पुकारा और हम चले आए।
दो दिन से श्रीनगर में घूम रहा हूं। इतना सेवाभाव देखकर दिल कहे रुक जा, रुक जा, ना जा। कहा कि कि मुख्यमंत्री जी, आपको याद होगा जब आप नीति आयोग की बैठक में आए थे तब वहां आपने भावुक होकर कहा था कि मैं विभिन्न मंत्रियों से कहना चाहता हूं कि वह जम्मू-कश्मीर आएं और परामर्शदात्री समिति की बैठक करें। जम्मू-कश्मीर में अंदरूनी रूप से बेहतर हालात हैं, बाहरी तत्वों द्वारा गड़बड़ी की जाती है।
शिकारा चालक ने कहा-मामा देशवासियों से कहना कश्मीर आएं
चाैहान ने कहा कि डल में शिकारा से घूमते वक्त उसे चलाने वाले ने कहा कि मामा, देशवासियों से कहना कि कश्मीर जरूर आएं। यहां सब कुछ ठीक हो गया है। वह यहां से जाकर शिकारा वाले की बात सभी को बताएंगे। उन्होंने दीक्षांत समारोह में बुलाने के लिए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का आभार जताते हुए कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में जम्मू-कश्मीर में हो रहे विकास कार्यों का बहुत बड़ा योगदान रहेगा।
विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद के जीवन के उदाहरण दिए
केंद्रीय कृषि मंत्री ने स्वामी विवेकानंद का स्मरण करते हुए कहा कि स्वामी जी के कहे शब्द मेरे लिए भी प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा था कि मनुष्य अनंत शक्तियों का भंडार है, ऐसा कोई काम नहीं जो मनुष्य ना कर सके। उन्हीं के वाक्यों को आत्मसात करते हुए हमें जीवन में लक्ष्य तय करके प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ने की कोशिश करनी चाहिए। आप भी लक्ष्य तय करिए और लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए रोडमैप बनाइए।