पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि नियंत्रण रेखा पर गवालटा में तैनात सेना की 19 राजपुताना राइफल्स के जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए गवालटा गावं के चौकस इलाके में संदिग्ध गश्त के दौरान हथियारों के इस जखीरे को ढूंढ निकाला। सेना ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस स्टेशन उड़ी को दी, जिसके बाद पुलिस की एक टीम तुरंत मौके पर पहुँची और सभी हथियारों व गोला-बारूद को अपने कब्जे में ले लिया।सुरक्षाबलों द्वारा की गई इस सफल बरामदगी में घातक हथियारों का एक बड़ा जखीरा शामिल है।
अधिकारियों के मुताबिक, मौके से 1 एके-47 राइफल, 2 एमपी-5 गन, 4 पिस्टल, 1 एके-47 मैगजीन, 4 एमपी-5 मैगजीन और 12 पिस्टल मैगजीन जब्त की गई हैं। इसके अलावा हथियारों के साथ बड़ी मात्रा में कारतूस भी मिले हैं, जिनमें एके-47 के 839 जिंदा कारतूस, एमपी-5 गन के 255 कारतूस और पिस्टल के 50 जिंदा कारतूस शामिल हैं। इसके साथ ही तार काटने वाला एक वायर कटर भी बरामद हुआ है।
इस संबंध में पुलिस स्टेशन उड़ी में आर्म्स एक्ट की धारा 7/25 के तहत एफआईआर संख्या 80/2026 दर्ज कर लिया गया है और विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। सुरक्षाबलों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में हथियारों की बरामदगी से सीमा पार से होने वाली किसी बड़ी आतंकी गतिविधि या घुसपैठ की साजिश समय रहते नाकाम हो गई है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में आतंकियों और राष्ट्र विरोधी तत्वों के खिलाफ सुरक्षाबलों का अभियान लगातार जारी है। इससे ठीक एक दिन पहले सोमवार को भी बारामुला जिले के कंडी के जंगल क्षेत्र से सुरक्षाबलों ने हथियारों और गोला-बारूद का बड़ा जखीरा बरामद किया था। लगातार दो दिनों में जिले में मिली इन बड़ी सफलताओं ने यह साबित कर दिया है कि सुरक्षाबल पूरी तरह अलर्ट पर हैं और क्षेत्र में शांति भंग करने की हर कोशिश को सफलतापूर्वक विफल कर रहे हैं।