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आतंकवाद को जड़ से मिटाने का संकल्प: आतंक पीड़ित परिवारों को मिला सहारा, एलजी सिन्हा ने सौंपे 37 नियुक्ति पत्र

Wed, 05 Aug 2026 05:37 PM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आतंकवाद को खत्म करने और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए 37 आतंक पीड़ित परिवारों को नियुक्ति पत्र सौंपे।
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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को कहा कि प्रशासन आतंकवाद के पूरे नेटवर्क को खत्म करने और इसके जिम्मेदार लोगों को कानून के कटघरे तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश के हर नागरिक को शांति, समानता और सम्मान के साथ जीवन देने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।

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श्रीनगर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उपराज्यपाल ने आतंकवादी घटनाओं में जान गंवाने वाले 37 नागरिकों के परिजनों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इसके अलावा एसआरओ-43 और पुनर्वास सहायता योजना (आरएएस) के तहत 32 अन्य लाभार्थियों को भी नियुक्ति पत्र दिए गए।

इस अवसर पर मनोज सिन्हा ने कहा कि आतंकवाद से प्रभावित परिवारों को नौकरी देना किसी नुकसान की भरपाई नहीं है, क्योंकि किसी अपने की कमी को कोई पूरा नहीं कर सकता। लेकिन यह सरकार का यह संदेश है कि देश इन परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है और उनके सम्मानजनक जीवन के लिए हर संभव मदद करेगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 5 अगस्त 2019 के बाद जम्मू-कश्मीर में भेदभावपूर्ण व्यवस्था का अंत हुआ और सामाजिक न्याय तथा समावेशी विकास का नया दौर शुरू हुआ। अब प्रदेश में विकास के साथ-साथ शांति और समृद्धि का माहौल मजबूत हो रहा है।

एलजी ने कहा कि पहले अनुच्छेद 370 और 35ए के कारण आतंकवाद का तंत्र मजबूत हुआ था, लेकिन इनके हटने के बाद आतंकवाद के नेटवर्क को काफी हद तक कमजोर किया गया है। आज जम्मू-कश्मीर के लोग हिंसा के बजाय शांति, कट्टरता के बजाय शिक्षा और निर्भरता के बजाय रोजगार को चुन रहे हैं।

उन्होंने कहा कि युवाओं को डर और आतंक से मुक्त भविष्य देना सरकार की प्राथमिकता है। शिक्षा, रोजगार और समान अवसर युवाओं को अलगाववाद और आतंकवाद से दूर रखने का सबसे मजबूत माध्यम हैं।

मनोज सिन्हा ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि आतंकवाद से प्रभावित किसी भी परिवार की अनदेखी न हो। न्याय में हुई देरी ने लोगों को वर्षों तक पीड़ा दी, लेकिन अब पीड़ित परिवारों को समय पर और संवेदनशील तरीके से न्याय दिलाया जा रहा है। उन्होंने आतंकवाद के समर्थकों और सीमा पार बैठे साजिशकर्ताओं को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि शांति भंग करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
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उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का भविष्य यहां के युवा, किसान, शिक्षक, महिलाएं और मेहनतकश लोग लिखेंगे, जो शांति और विकास में विश्वास रखते हैं। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त 2019 के बाद हुए संवैधानिक बदलावों ने जम्मू-कश्मीर में समान अधिकार, बेहतर कानून व्यवस्था और विकास के नए अवसरों का रास्ता खोला है।
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