संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। प्रोजेक्ट हिमांक की स्नो क्लियरेंस टीम ने लाचुलुंग ला दर्रे को सफलतापूर्वक साफ कर दिया है। यह दर्रा 16,616 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और राष्ट्रीय राजमार्ग-3 पर चल रहे बर्फ हटाने अभियान का हिस्सा है। जल्द ही लेह-मनाली हाईवे के बहाल होने की उम्मीद है।
111 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी के नेतृत्व में 753 बॉर्डर रोड्स टास्क फोर्स के अंतर्गत कार्यरत टीम एनएच-3 यानी लेह-मनाली राजमार्ग पर संपर्क बहाल करने के मिशन में जुटी हुई है जो लद्दाख के लिए सबसे महत्वपूर्ण सड़क मार्गों में से एक है। यह उपलब्धि तंगलंग ला को सफलतापूर्वक खोलने के तुरंत बाद हासिल हुई है जो कठिन पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क संपर्क बहाल करने की दिशा में टीम की लगातार प्रगति को दर्शाती है।
शून्य से नीचे तापमान, भारी बर्फबारी, तेज हवा और हिमस्खलन संभावित क्षेत्रों जैसी अत्यंत कठिन ऊंचाई वाली परिस्थितियों में कार्य करते हुए जवानों ने एक बार फिर असाधारण साहस, पेशेवर दक्षता और संचालन क्षमता का प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने बताया कि लाचुलुंग ला तक सड़क को साफ कर डबल-लेन स्वरूप में बनाए रखा गया है जिससे सैन्य और नागरिक वाहनों की आवाजाही अधिक सुरक्षित और सुगम हो सकेगी।
यह उपलब्धि कठिन मौसम और दुर्गम भूभाग में कार्यरत कर्मियों के समर्पण तथा मानव संसाधन और मशीनों के प्रभावी समन्वय को दर्शाती है। इस सफलता के बाद प्रोजेक्ट हिमांक की टीमें अब नकी ला दर्रे और घाटा लूप्स की ओर बढ़ गई हैं जो अपने 22 तीखे हेयरपिन मोड़ों के लिए प्रसिद्ध हैं और एनएच-3 पर साफ किए जाने वाले अंतिम हिस्से हैं।
अधिकारियों ने कहा कि पूर्ण संपर्क बहाली के लक्ष्य के साथ बर्फ हटाने का कार्य तेज गति से जारी है।