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Srinagar News: सांसद मोहम्मद हनीफा ने लद्दाख के बजट आवंटन पर जताई चिंता

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- लद्दाख को बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, शिक्षा व सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत करने के लिए निरंतर पूंजीगत व्यय की है आवश्यकता
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संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। सांसद मोहम्मद हनीफा ने हाल ही में पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 में लद्दाख को आवंटित राशि पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद लद्दाख को 6,000 करोड़ रुपये से अधिक का मजबूत बजटीय ढांचा मिला था लेकिन हाल के वर्षों में कुल बजट आवंटन गिरावट आई है।

हनीफा के अनुसार, 2024-25 में 5,958 करोड़ रुपये का आवंटन अब घटकर 2026-27 के लिए लगभग 4,869 करोड़ रुपये रह गया है जो 2025-26 के 7,377 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान से भी कम है। उन्होंने इस प्रवृत्ति को ठहराव का संकेत बताते हुए कहा कि बढ़ती विकास आवश्यकताओं के बावजूद वास्तविक रूप से प्रतिबद्ध संसाधनों में कमी आई है।
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सांसद ने कहा कि एक नवगठित केंद्र शासित प्रदेश के रूप में लद्दाख को बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, शिक्षा और सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत करने के लिए निरंतर पूंजीगत व्यय की आवश्यकता है। वर्तमान बजट इन प्राथमिकताओं को पर्याप्त रूप से प्रतिबिंबित नहीं करता। पूंजीगत व्यय लगभग स्थिर बना हुआ है और दीर्घकालिक अवसंरचना निर्माण के लिए कोई बड़ा प्रोत्साहन नहीं दिखता। प्रस्तावित नए जिलों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए समर्पित फंड की अनुपस्थिति को उन्होंने प्रभावी विकेंद्रीकरण और उत्तरदायी शासन के लिए आवश्यक बताया।

मोहम्मद हनीफा ने केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन और लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषदों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि दोनों निकायों ने मजबूत वित्तीय अनुशासन दिखाया है, जहां फंड उपयोग लगातार 90 प्रतिशत से अधिक रहा है। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि लद्दाख अधिक आवंटन को कुशलतापूर्वक उपयोग कर ठोस विकास परिणाम दे सकता है।

सांसद ने कहा कि लद्दाख में शीतकालीन खेलों को बढ़ावा देने के लिए कोई समर्पित प्रावधान नहीं किया गया है जबकि यह क्षेत्र वैश्विक स्तर पर विंटर टूरिज्म और एडवेंचर स्पोर्ट्स का केंद्र बन सकता है और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा कर सकता है। इसी तरह, कृषि और संबद्ध क्षेत्र जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, को भी पर्याप्त ध्यान नहीं मिला है। उन्होंने चेतावनी दी कि सूखे जैसी स्थितियों, जल संकट और जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव के कारण लद्दाख कृषि संकट का सामना कर रहा है फिर भी इन चुनौतियों से निपटने के लिए बजट में कोई लक्षित पैकेज घोषित नहीं किया गया।
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सांसद ने कहा कि वह लद्दाख की वित्तीय और विकास संबंधी आवश्यकताओं को सीधे केंद्रीय गृह मंत्री और वित्त मंत्री के समक्ष उठाएंगे। उन्होंने केंद्र से आग्रह किया कि लद्दाख की उपयोग क्षमता, रणनीतिक महत्व और दीर्घकालिक विकास आवश्यकताओं के अनुरूप बजट आवंटन बढ़ाया जाए।
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