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Srinagar News: तारों भरे आकाश के नीचे ब्रह्मांड के रहस्यों को जानने लोग, लद्दाख एस्ट्रो वीक आज से

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लेह। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में 20 से 26 मई तक सप्ताहभर चलने वाले लद्दाख एस्ट्रो वीक 2026 का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम खगोल विज्ञान के प्रति रुचि रखने वाले लोगों, विद्यार्थियों, पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को लद्दाख के स्वच्छ और तारों भरे आकाश के नीचे ब्रह्मांड के रहस्यों को जानने का अवसर प्रदान करेगा।
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इस कार्यक्रम का आयोजन लद्दाख पर्यटन विभाग द्वारा भारतीय खगोलभौतिकी संस्थान के सहयोग से किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत लेह, शाम, नुब्रा, जंस्कार, कारगिल, द्रास और चांगथांग क्षेत्रों में खगोल विज्ञान जागरूकता गतिविधियां, सार्वजनिक व्याख्यान, आकाश अवलोकन सत्र तथा क्षेत्रीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

अधिकारियों के अनुसार इस पहल का उद्देश्य लद्दाख के विभिन्न समुदायों तक विज्ञान और खगोल विज्ञान को पहुंचाना तथा क्षेत्र में वैज्ञानिक जागरूकता और एस्ट्रो-पर्यटन को बढ़ावा देना है।
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लेह में 20 से 26 मई तक प्रतिदिन कार्यक्रम आयोजित होंगे, जबकि अन्य क्षेत्रों में एक दिवसीय विशेष कार्यक्रम रखे गए हैं। इनमें 21 मई को शाम के लामायुरु मठ, 22 मई को नुब्रा के हुंदर सैंड ड्यून्स, 23 मई को जांस्कार के पदुम टूरिस्ट बंगला, 24 मई को कारगिल के कुरबाथांग स्थित पुरिग गेस्ट हाउस, 25 मई को द्रास टूरिस्ट बंगला और 26 मई को हानले के पुंगुक कम्युनिटी हॉल में आयोजन शामिल हैं।

आयोजकों ने बताया कि सभी कार्यक्रम आम जनता के लिए निःशुल्क खुले रहेंगे। खगोल विज्ञान पर सार्वजनिक व्याख्यान अंग्रेजी और लद्दाखी दोनों भाषाओं में दिए जाएंगे, जिन्हें देशभर से आए वैज्ञानिक, खगोलविद, शोधकर्ता और अंतरिक्ष शिक्षा विशेषज्ञ संबोधित करेंगे।

कार्यक्रम में भारतीय खगोलीय वेधशाला हानले, टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान, भारतीय खगोलभौतिकी संस्थान, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र तथा भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, मोहाली सहित विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञ भाग लेंगे।

मुख्य वक्ताओं में प्रोफेसर रविंद्र बन्याल, डॉ. निरु मोहन रामानुजम, प्रोफेसर प्रवाबती चिंगांगबाम, प्रोफेसर बिमन नाथ, प्रोफेसर जयंत जोशी, वैज्ञानिक अधिकारी नवांग दोरजी और फुंचोक दोरजे सहित हानले वेधशालाओं से जुड़े कई इंजीनियर, तकनीकी अधिकारी और एस्ट्रोनॉमी एंबेसडर शामिल हैं।

अधिकारियों ने बताया कि सत्रों में आकाशगंगाओं, ब्लैक होल, अंतरिक्ष विज्ञान और रात्रि आकाश के रहस्यों जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को प्रेरित करना और विज्ञान एवं खगोल विज्ञान के प्रति आम लोगों की रुचि बढ़ाना है।
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