लेह। नाजुक हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र में जलवायु अनुकूलता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स ने चांगथांग क्षेत्र के चुषुल, त्सागा और हानले गांवों में जागरूकता सत्र आयोजित किए।
इस पहल का उद्देश्य स्थानीय समुदायों को जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न बढ़ती चुनौतियों जैसे बाढ़, सूखा आदि के प्रति संवेदनशील बनाना तथा अनुकूलन और सतत प्रथाओं को अपनाने की आवश्यकता पर जोर देना था। सत्रों के दौरान अधिकारियों ने जलवायु-स्मार्ट कृषि, जल संरक्षण उपायों, सौर ऊर्जा को अपनाने और उत्सर्जन को कम करते हुए आजीविका की सुरक्षा के लिए प्रभावी कचरा प्रबंधन के महत्व को रेखांकित किया। इन बैठकों में सतत जल प्रबंधन, जलवायु अनुकूल खेती तकनीकों, नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग और आपदा तैयारी पर भी विशेष ध्यान दिया गया, ताकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में गांवों की समग्र लचीलापन क्षमता को मजबूत किया जा सके।
अधिकारियों ने कहा कि पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील चांगथांग क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने और पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने की सामूहिक क्षमता बढ़ाने के लिए समुदायों में जागरूकता और तैयारी को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है।