लेह। लद्दाख के मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने सोमवार को उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का उद्देश्य डेटा आधारित प्रशासन, सुरक्षा समन्वय और साइबर धोखाधड़ी निगरानी तंत्र को मजबूत करने के लिए यूटी स्तर के डाटाबेस को नेशनल इंटेलिजेंस ग्रिड प्रणाली के साथ जोड़ने और एकीकृत करने पर चर्चा करना था।
बैठक में नैटग्रिड के संयुक्त सचिव के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारी, प्रशासनिक सचिव तथा यूटी प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
यह चर्चा राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के डाटाबेस को नैटग्रिड प्लेटफॉर्म से जोड़ने के जारी प्रयासों के तहत आयोजित की गई, ताकि अधिकृत एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जा सके। यह विचार-विमर्श मंत्रालय स्तर पर हुई पूर्व बैठकों और 7 मई को आयोजित चर्चा के बाद किया गया।
बैठक के दौरान नैटग्रिड टीम ने प्रणाली के उद्देश्यों, संरचना और उपयोगों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। अधिकारियों ने गांडीव और सुदर्शन जैसे विश्लेषणात्मक उपकरणों की कार्यप्रणाली समझाई, जो सुरक्षित डेटा खोज, खुफिया विश्लेषण और ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस आधारित निगरानी में सहायता करते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में यह प्लेटफॉर्म 15 प्रदाता संगठनों के डाटाबेस से जुड़ा हुआ है और देशभर की कई अधिकृत एजेंसियां इसका उपयोग खुफिया और जांच संबंधी कार्यों के लिए कर रही हैं।
बैठक में लद्दाख के अतिरिक्त डाटाबेस को भी इस प्रणाली से जोड़ने पर चर्चा हुई, जिनमें बिजली, जलापूर्ति, शिक्षा, सहकारी समितियां, स्वास्थ्य योजनाएं, उद्योग तथा आईटी आधारित सेवाओं से संबंधित डाटाबेस शामिल हैं। इसका उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना और जांच क्षमताओं को मजबूत करना है।
मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने सुरक्षित एपीआई आधारित एकीकरण और क्वेरी आधारित एक्सेस सिस्टम की आवश्यकता पर जोर दिया तथा गोपनीयता और डेटा सुरक्षा के लिए मजबूत सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की बात कही। उन्होंने साइबर धोखाधड़ी, सुरक्षा और कानून प्रवर्तन से जुड़े मामलों में अधिकृत और प्रभावी डेटा प्राप्ति के लिए एक साझा पहचान आधारित ढांचे की आवश्यकता पर भी बल दिया।
मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे एकीकरण के लिए आवश्यक डाटाबेस की पहचान करें और आवश्यकता अनुसार समझौता ज्ञापन सहित औपचारिक प्रक्रियाओं के माध्यम से आगे की कार्रवाई करें।