- मुख्य सचिव ने की लद्दाख में बुद्ध अवशेषों के पवित्र प्रदर्शनी की तैयारियों की समीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। महात्मा बुद्ध के पवित्र अवशेषों की प्रस्तावित प्रदर्शनी की तैयारियों की वीरवार को समीक्षा की गई। इस संबंध में केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) स्तरीय समन्वय समिति की दूसरी बैठक लेह में मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा की अध्यक्षता में हुई। उन्होंने अवशेषों को ले जाने के लिए शैटरप्रूफ कास्केट की समय पर तैयारी के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनी 1 से 14 मई तक आयोजित की जाएगी। इस दौरान व्यवस्थाओं और क्रियान्वयन योजना पर चर्चा की गई। प्रशासनिक सचिव पर्यटन संजीत रोड्रिग्स ने उद्घाटन और समापन समारोह, सेमिनार, अंतरधार्मिक संवाद सत्र, ध्यान एवं योग कार्यक्रम, बौद्ध मंत्रोच्चार और प्रार्थनाओं की जानकारी दी। साथ ही सीआईबीएस, धर्मा सेंटर, एमआईएमसी लेह पैलेस और लेह मुख्य बाजार जैसे स्थलों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं प्रदर्शनियों के बारे में बताया गया।
मुख्य सचिव ने विभिन्न बौद्ध संप्रदायों के रिनपोछे और लद्दाख बौद्ध एसोसिएशन तथा लद्दाख गोम्पा एसोसिएशन के प्रतिनिधियों सहित गणमान्य व्यक्तियों की सूची को अंतिम रूप देने पर जोर दिया जो दिल्ली और लेह हवाई अड्डे पर पवित्र अवशेषों का स्वागत करेंगे। उन्होंने बताया कि संस्कृति मंत्रालय ने इस प्रदर्शनी को 14 दिनों की अनुमति प्रदान की है। 10 से 12 मई के बीच जन-दर्शन के लिए अवशेषों को जंस्कार ले जाने का प्रस्ताव भी भेजा गया है।
कुंद्रा ने 1 मई को 2569वीं बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर मुख्य समारोह की व्यवस्थाओं पर जोर दिया। उन्होंने जिवेत्सल में प्रस्तावित प्रदर्शनी योजना की भी समीक्षा की जहां पवित्र अवशेषों को जनता के दर्शन के लिए रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी लद्दाख में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने विभागों, अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ सहित सभी हितधारकों को प्रदर्शनियों के आयोजन और आगंतुक प्रबंधन के लिए आपसी समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने होटल संघों, टूर ऑपरेटरों के साथ अलग से बैठक आयोजित कर कार्यक्रम के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा यात्रा, आवास और आगंतुक प्रबंधन की सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में प्रदर्शनी के दौरान आयोजित किए जाने वाले अंतरधार्मिक सद्भाव संवाद, चिकित्सा शिविर, प्रदर्शनियां, लाइव स्क्रीनिंग, आइस-हॉकी मैच, सामूहिक बौद्ध मंत्रोच्चार और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर भी चर्चा की गई।