लेह। ईरान से लद्दाख के 250 से अधिक लोग दो चार्टर्ड उड़ानों से नई दिल्ली पहुंच गए हैं। इनमें जायरीन और छात्र शामिल हैं। इन्हें आर्मेनिया से दो उड़ानों के जरिए दिल्ली लाया गया। इसकी पुष्टि लद्दाख के प्रशासनिक अधिकारियों ने की है। उधर स्वदेश लौटे लद्दाख के निवासियों ने आरोप लगाया कि उनका सामान उनके साथ नहीं भेजा गया। इससे वे चिंतित हैं।
अधिकारियों के मुताबिक मंगलवार को लगभग 132 लोगों को निकाला गया जबकि बुधवार को लगभग इतनी ही संख्या में जायरीन और छात्र नई दिल्ली पहुंचे। यह अभियान ईरान संघर्ष क्षेत्र में फंसे निवासियों को वापस लाने के लिए चल रहे प्रयासों का हिस्सा है। हालांकि निकासी प्रक्रिया उस समय सवालों के घेरे में आ गई जब कई लौटे यात्रियों ने आरोप लगाया कि उनका चेक-इन सामान उनके साथ नई दिल्ली नहीं पहुंचा। इससे यात्रियों और उनके परिवारों में चिंता पैदा हो गई।
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कई यात्रियों का कहना है कि उन्हें दिल्ली पहुंचने के बाद ही बताया गया कि उनका सामान उसी उड़ान से नहीं लाया गया। यह समस्या अधिकांश यात्रियों के साथ आई जबकि उन्होंने पहले जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार 30 किलो चेक-इन सामान की अनुमति का पालन किया था। आर्मेनिया से मिली रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि अभी निकाले जाने बाकी यात्रियों के बीच अनिश्चितता बनी हुई है। कुछ फंसे जायरीन ने सामान की सीमा घटाकर 15 से 20 किलो किए जाने का आरोप लगाया है।
लद्दाख के सांसद मोहम्मद हनीफा जान ने कहा कि अधिकारियों ने इस मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि शेष सामान को तीन से चार दिन के भीतर वापस लाया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि बाकी जायरीन की निकासी निर्धारित योजना के अनुसार जारी रहेगी।