लेह। लद्दाख में डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर लेह, कारगिल और चांगथांग में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
लेह में स्कूली बच्चों ने हाथों में नारे लेकर ईको पार्क तक मार्च किया जबकि इस अवसर को यादगार बनाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इसके अलावा लद्दाख विश्वविद्यालय के स्टकना परिसर में पौधारोपण अभियान चलाया गया जिसमें छात्रों और कर्मचारियों ने पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए पौधे लगाए।
कारगिल स्थित लद्दाख विश्वविद्यालय के हॉर्टिकल्चर साइंस एंड टेक्नोलॉजी स्कूल के छात्रों और शिक्षकों ने डॉ. आंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सामाजिक न्याय, शिक्षा और समानता में योगदान पर प्रकाश डाला। अंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में व्याख्यान और डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शन जैसे शैक्षणिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
चांगथांग के निदर गांव में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें किसानों ने कृषि संबंधी जागरूकता सत्रों में भाग लिया और डॉ. आंबेडकर को श्रद्धांजलि दी।
राजनीतिक संगठनों ने भी इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए। जिला कांग्रेस कमेटी, लेह ने लद्दाख को छठी अनुसूची का दर्जा देने की मांग दोहराई। भाजपा लद्दाख इकाई ने डॉ. आंबेडकर के समानता और सामाजिक न्याय के विचारों को रेखांकित करते हुए कार्यक्रम आयोजित किए।
इस दौरान भाषण और नारा लेखन जैसी विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं जिनमें छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और संवैधानिक मूल्यों के प्रति अपनी जागरूकता दिखाई।
इन समारोहों ने डॉ. आंबेडकर के आदर्शों के प्रति व्यापक सम्मान और क्षेत्र में न्याय, समानता एवं सामाजिक सद्भाव के सिद्धांतों को बनाए रखने की सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाया।