केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह जिले के न्योमा उपमंडल के चुमाथांग क्षेत्र में गर्म पानी के चश्मों की निगरानी के लिए तंत्र विकसित किया जाएगा। नवंबर के अंतिम सप्ताह में चश्मों के पानी में अचानक हुई दो से तीन मीटर की वृद्धि के बाद इसका निर्णय लिया गया है।
भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई), वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी और अन्य विशेषज्ञों की मीटिंग में अचानक जल स्तर बढ़ने पर चिंता जताई गई और इस पर श्वेत पत्र तैयार करने की सहमति बनी है। श्वेत पत्र के जरिए लोगों को तेजी से बदल रहे पर्यावरण के खतरों से जागरूक करवाया जाएगा और बताया जाएगा कि उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
यह श्वेत पत्र सभी हितधारकों, विशेषकर लद्दाख प्रशासन के साथ भी साझा किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के सचिव अमित शर्मा की अध्यक्षता में लिया गया। शर्मा ने कहा कि श्वेत पत्र के साथ चुमाथांग-न्योमा में एक नियमित हॉट स्प्रिंग्स जल-स्तर निगरानी तंत्र की स्थापना की जाएगी।