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Leh Violence: लद्दाख में हिंसा बर्दाश्त नहीं, माहौल बिगाड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, बोले- एलजी गुप्ता

Fri, 03 Oct 2025 02:03 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, लेह

सार

लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने लेह हिंसा की मजिस्ट्रियल जांच की पुष्टि की और एलएबी और केडीए से वार्ता बहाल करने की अपील की।
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उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता - फोटो : @DIPR_Ladakh
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विस्तार
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लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने कहा है कि पाकिस्तान और चीन से घिरे लद्दाख जैसे संवेदनशील क्षेत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं है और जो भी लोग माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में मजिस्ट्रियल जांच शुरू कर दी गई है।

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लद्दाख में धारा 163 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) अभी भी लागू है, जिससे लोगों के एकत्र होने पर रोक है ताकि दोबारा ऐसी घटना न हो।

स्थिति अब लगभग सामान्य हो चुकी है। दुकानों, कार्यालयों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों ने कामकाज शुरू कर दिया है। स्कूलों में भी पढ़ाई शुरू हो चुकी है और वाहन सामान्य रूप से चल रहे हैं। 

हालांकि, उपराज्यपाल ने चिंता जताई कि कुछ लोग जानबूझकर गड़बड़ी फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि डीपफेक वीडियो भी प्रसारित किए जा रहे हैं और इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। हिंसा भड़काने वाले कई लोगों को हिरासत में लिया गया है।  जो निर्दोष हैं उन्हें न्याय मिलेगा और जो दोषी हैं उन्हें सजा, यही हमारा उद्देश्य है

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लद्दाख की संवेदनशीलता को समझें
गुप्ता ने कहा कि लद्दाख एक रणनीतिक रूप से अहम क्षेत्र है, जो पाकिस्तान और चीन की सीमा से लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता बनाए रखना सर्वोपरि है और लद्दाख के लोग हमेशा देशभक्त रहे हैं।

न्यायिक जांच की मांग पर जवाब
उपराज्यपाल ने बताया कि फिलहाल मजिस्ट्रियल जांच शुरू हो चुकी है, और न्यायिक जांच की जरूरत को लेकर केंद्र सरकार विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति उनकी संवेदनाएं हैं, लेकिन भीड़ ने हालात ऐसे बना दिए थे कि जवाबी कार्रवाई जरूरी हो गई।

मारे गए लोगों में एक पूर्व सैनिक भी था, जिसके बच्चे आर्मी स्कूल में पढ़ते हैं। ये दुखद घटनाएं हैं, लेकिन हालात ऐसे बने कि सख्त कदम उठाने पड़े।
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वार्ता के लिए फिर दिया न्यौता
कविंदर गुप्ता गुप्ता ने लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस  से अपील की कि वे केंद्र सरकार के साथ 6 अक्तूबर को प्रस्तावित बातचीत में भाग लें।

बातचीत से ही रास्ते निकलते हैं। अगर हम साथ बैठें, तो हर समस्या का समाधान निकल सकता है। 
एलएबी और केडीए लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। दोनों संगठनों ने फिलहाल वार्ता से दूरी बना ली है और उनकी मांग है कि पहले न्यायिक जांच शुरू की जाए और हिरासत में लिए गए सभी लोगों, जिसमें सोनम वांगचुक भी शामिल हैं, उनको  रिहा किया जाए।
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