पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के विधायक वहीद परा ने रविवार को कहा कि लद्दाख के लोगों ने सिर्फ सात वर्षों में वह उपलब्धि हासिल कर ली है, जो जम्मू-कश्मीर पिछले 70 वर्षों में नहीं कर सका।
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यह बयान उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा उपायों का प्रस्ताव दिए जाने के एक दिन बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए दिया। परा ने कहा कि इसमें जम्मू-कश्मीर के लिए भी एक बड़ा सबक छिपा है। केंद्र सरकार ने लद्दाख के लिए अनुच्छेद 371 के तहत संवैधानिक सुरक्षा और एक विधायी निकाय का प्रस्ताव दिया है, हालांकि यह अभी चर्चा के चरण में है और कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है।
लद्दाख के कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने बताया कि सरकार ने क्षेत्र को अनुच्छेद 371A और 371G जैसी सुरक्षा देने और पूरे लद्दाख के लिए एक समान शासन व्यवस्था पर सहमति जताई है। वहीं कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) के सदस्य सज्जाद कारगिली ने बताया कि केंद्र ने लद्दाख के लिए विधायी, कार्यकारी, प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों का भी प्रस्ताव दिया है और इस पर कानूनी विशेषज्ञों से चर्चा जारी है।