नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख ने कहा कि हत्यारों को सामने लाना जरूरी है, ताकि यह पता चल सके कि घाटी में आतंकवाद खत्म होने के दावों की वास्तविक स्थिति क्या है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया को यह देखना चाहिए कि इन घटनाओं को अंजाम देने वाले कौन हैं।
फारूक अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की भी मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर की स्थिति में बदलाव आया है और भाजपा ने केंद्र शासित प्रदेश को नुकसान पहुंचाया है।
पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) के हालात पर भी उन्होंने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वहां रहने वाले लोग भी हमारे भाई हैं और उनकी स्थिति को लेकर चिंता है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग से वहां स्थिति का जायजा लेने के लिए प्रतिनिधिमंडल भेजने की अपील की।