गर्भवती महिला को विशेष इलाज के लिए रविवार सुबह तंगधार से श्रीनगर एयरलिफ्ट किया गया। समय पर अस्पताल पहुंचाने से गर्भवती की जान बच गई। गर्भवती के परिजनों और अन्य लोगों ने मरीज को एयरलिफ्ट करने में समय पर हस्तक्षेप करने के लिए उपायुक्त कुपवाड़ा, सेना, एसडीएम करनाह और बीएमओ के प्रयासों की सराहना की।
कुपवाड़ा जिले के करनाह अनुमंडल के तीतवाल ब्लॉक के चित्तरकोट की अली असगर की पत्नी 38 वर्षीय गर्भवती नुसरत बेगम को देर शाम इलाज के लिए एसडीएच तंगधार में भर्ती कराया गया था। इस दौरान डॉक्टरों को श्रीनगर में रोगी के लिए विशेष उपचार की आवश्यकता थी। यह जानकारी एसडीएम करनाह के माध्यम से उपायुक्त कुपवाड़ा तक पहुंचाई गई।
उपायुक्त ने अपने प्रयासों से सेना के एक हेलिकॉप्टर का इंतजाम किया, लेकिन खराब दृश्यता के कारण हेलिकॉप्टर की व्यवस्था तंगधार हेलीपेड पर नहीं की जा सकी। इसके बाद भी सेना और जिला प्रशासन कुपवा़ड़ा प्रयास करते रहे। आखिर मरीज को रविवार सुबह एसडीएम करनाह डॉ. गुलजार अहमद, तहसीलदार और एसएचओ की मौजूदगी में तंगधार हेलीपेड से एयरलिफ्ट किया गया। मरीज के साथ एसडीएच तंगदार का एक चिकित्सा अधिकारी और एक अटेंडेंट भी था।