Kashmirr Pandit Protest in Srinagar
- फोटो : बासित जरगर
कश्मीरी पंडित कर्मचारियों ने कहा कि जहां कहीं भी अल्पसंख्यक कर्मचारी असुरक्षित महसूस करता है तो उसे अपनी मर्जी की पोस्टिंग दी जाए और जितने भी यहां पर ट्रांजिट कैंप हैं, जिन्हें डिटेंशन सेंटर बनाया गया है, उन्हें जल्द खोला जाए, ताकि वे लोग एक सामान्य जिंदगी जी सकें। हमारे साथ बंधुआ मजदूर जैसा व्यवहार किया जाता है।
एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा, सरकार ने कहा था कि रिहायश देंगे, लेकिन आज हालात यह है कि ट्रांजिट कैंपों में एक-एक कमरे में तीन-तीन लोग रह रहे हैं। हम आज भी किराये के घरों में 10-10 हजार दें रहे हैं जबकि हमें एचआरए केवल 2400 मिलता है। अविनाश ने कहा कि हमारा सबसे बड़ा मुद्दा है कि जब तक यहां हालात ठीक नहीं होते तब तक हमें यहां से जम्मू स्थानांतरित किया जाए।