फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सोपोर हमले के बाद विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा और कड़ी

विज्ञापन
विज्ञापन
श्रीनगर। उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के सोपोर में आतंकियों द्वारा नगर पालिका की बिल्डिंग में आतंकी हमले के बाद विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। आला अफसरों ने सभी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट रहने को कहा गया है। वरिष्ठ अधिकारी भी लगातार सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रख रहे हैं। इस हमले में भाजपा के दो पार्षद रियाज अहमद पीर और शम्सुद्दीन पीर मारे गए थे तथा एक पीएसओ शफाकत नजीर शहीद हो गया था।
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक आला अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति जहां- जहां रहते हैं वहां पहले से ही पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था है। हमले की घटनाके बाद संबंधित व्यक्ति को और सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या कुछ सुरक्षा में इजाफा किया जाएगा ? उन्होंने कहा कि किस व्यक्ति को तिनी सुरक्षा मिलेगी इसका निर्धारण सरकार करती है, जैसे निर्देश मिलेंगे वैसी सुरक्षा मुहैया करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी सुरक्षा का खुद भी ध्यान रखना होगा। अगर वह कही कार्यक्रम में जाते हैं तो पुलिस के साथ वो जानकारी साझा करें ताकि अगर अतिरिक्त व्यवस्था की जरुरत हो तो उसे समय रहते पूरा किया जाए और जैसी सोपोर जैसी घटनाओं को टाला जा सके। श्रीनगर के एसएसपी संदीप चौधरी ने अन्य पुलिस अफसरों के साथ उन होटलों और बिल्डिंग्स का जाएजा लिया जहां पर सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति रह रहे हैं। चौधरी ने वहा तैनात सुरक्षा कर्मियों को अलर्ट रहने को कहा है तथा इस बात पर भी जोर दिया कि इन जगहों पर सीसीटीवी कैमरे सही से काम करें। सोपोर हमले की शुरूआती जांच में सामने आए लश्कर के आतंकी मुदसिर पंडित और एक विदेशी आतंकी की तलाश में लगातार छापामारी जारी है।
नेकां प्रतिनिधिमंडल ने किया सोपोर का दौरा
श्रीनगर। नेकां के प्रांतीय अध्यक्ष नासिर असलम वानी, पार्टी सांसद बारामुला मुहम्मद अकबर लोन, जिला अध्यक्ष बारामुला जावेद डार और वरिष्ठ रेयाज बेदार सहित जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को सोपोर का दौरा कर अन्य पार्षदों से भी मुलाकात की। प्रतिनिधि मंडल मृत पार्षदों के शोक संतप्त परिवारों से मिलने जाना चाहता था परंतु सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें जाने से रोक दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें