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Jammu Kashmir Terror Attack: गगनगीर आतंकी हमले में 40 संदिग्ध हिरासत में, NIA ने मौके पर पहुंचकर शुरू की जांच

Tue, 22 Oct 2024 05:22 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

गगनगीर आतंकी हमले में 40 संदिग्ध हिरासत में, जम्मू-कश्मीर पुलिस और एनआईए ने जांच शुरू की, मृतकों के परिवारों को 21-21 लाख की मदद की घोषणा।
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सुरक्षाबल - फोटो : अनिल कुमार
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर के गंदरबल जिले में गगनगिर में हुए आतंकवादी हमले के संदर्भ में जांचकर्ताओं ने 40 से अधिक संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। इस हमले में सात लोगों की मौत हुई थी, जिसमें एक डॉक्टर और छह श्रमिक शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि हमलावरों ने इस हमले की योजना बहुत ही सुनियोजित तरीके से बनाई थी और आतंकवादी सहयोग नेटवर्क की मदद से इसे अंजाम दिया।

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एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, हम जल्द ही आतंकवादियों को पकड़ लेंगे। हमने कई संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है, लेकिन अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। सोमवार को सुरक्षा बलों ने सोनमर्ग के निकटवर्ती क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया, एक दिन बाद जब टनल निर्माण स्थल पर भयावह आतंकवादी हमला हुआ। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के एजेंटों ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण सबूत इकट्ठा करने के लिए खोजबीन की, जबकि सेना, सीआरपीएफ और पुलिस इकाइया निर्माण क्षेत्र के चारों ओर फैली हुई थीं ताकि हमलावरों और उनके सहयोगियों का पता लगाया जा सके।

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हमलावरों, जो पाकिस्तान के आतंकवादियों के रूप में पहचाने गए हैं, ने योजना बनाने से पहले स्थल के लेआउट का बारीकी से अध्ययन किया। उन्होंने पहले श्रमिकों के मेस को निशाना बनाया और फिर अधिकारियों के क्वार्टर की ओर बढ़े। अधिकारियों का मानना है कि हमलावरों को स्थल के बारे में पूर्व में जानकारी थी, संभवतः वे पहले वहा काम कर चुके थे या वहां मौजूद स्थानीय लोगों से सहायता प्राप्त की थी। घटना के गवाहों ने हमलावरों द्वारा की गई निर्दयता से भरी फायरिंग की बात की।

अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। इस बर्बर कृत्य की जिम्मेदारी प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े प्रतिरोध मोर्चा नामक एक छायादार संगठन ने ली है। तीन दशकों से आतंकवाद से ग्रसित इस क्षेत्र में इससे पहले ऐसा हिंसक घटना नहीं हुई थी। यह हमला तब हुआ जब स्टाफ रात में टनल प्रोजेक्ट पर काम करने के बाद अपने कैंप में लौट रहा था। मृतकों में डॉ. शाहनवाज डार, फहीम नसीर, कलीम, मोहम्मद हनीफ, शशि अबरोल, अनिल शुक्ला और गुरमीत सिंह शामिल हैं।

एनआईए की जांच टीम घटनास्थल पर गई थी ताकि महत्वपूर्ण सबूत इकट्ठा कर सके जो हमलावरों की पहचान में मदद कर सके। विभिन्न राजनीतिक पार्टियों और संगठनों के नेताओं ने इस हमले की निंदा की है। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने क्षेत्र की प्रगति और विकास में बाधा डालने वाले स्वार्थी तत्वों को नकारने का संकल्प लिया है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस बर्बर हमले का बदला लेने की बात करते हुए पाकिस्तान को इस क्षेत्र में हिंसा भड़काने के लिए जिम्मेदार ठहराया।
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