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Jammu Kashmir: छह साल बाद लोकतांत्रिक सरकार की बहाली, नेकां विधायकों के चेहरों पर चुनौतियों की शिकन

Fri, 18 Oct 2024 03:06 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

जम्मू-कश्मीर में छह साल बाद लोकतांत्रिक सरकार की बहाली से उत्साह है, लेकिन सत्तापक्ष नेकां के विधायकों के चेहरों पर चुनौतियों की शिकन भी दिख रही है। 
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जम्मू कश्मीर नई सरकार - फोटो : बासित जरगर
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर में छह साल बाद लोकतांत्रिक सरकार की बहाली से उत्साह तो है, लेकिन सत्तापक्ष नेकां के विधायकों के चेहरों पर पार्टी के एजेंडे को जमीनी स्तर पर उतारने की चिंता भी दिख रही है। उनका कहना है कि लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता पर लेंगे, मगर इसके लिए चुनौतियां भी बहुत हैं। उनका इशारा मुख्यमंत्री से अधिक उप राज्यपाल को मिली शक्तियों पर था।

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उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी ने कहा कि भाजपा ने जम्मू के लोगों को जम्मू का मुख्यमंत्री देने का वादा करके गुमराह किया। वह बताएं कि सत्ता में रहते हुए भी भाजपा जम्मू का उप राज्यपाल, मुख्य सचिव, जिला उपायुक्त, एसएसपी क्यों नहीं दे पाए। हमारी पार्टी के एजेंडे में लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता पर लिया जाएगा।

समें रोजगार, बिजली-पानी, स्वास्थ्य आदि प्रमुख मसले हैं। पिछले दस साल में जम्मू-कश्मीर में कोई लोकतांत्रिक सरकार न होने से प्रशासनिक तंत्र और आम लोगों में एक बड़ी खाई बन गई थी, जिसे दूर किया जाएगा। हमारी प्राथमिकता दरबार मूव व्यवस्था को बहाल करवाना है। इसमें प्रमुख तौर पर जम्मू की अर्थव्यवस्था निर्भर थी।
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इससे ट्रांसपोर्ट, होटल सहित अन्य कारोबार जुड़ा हुआ है। प्रधानमंत्री को जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस देने का वादा पूरा करना चाहिए।मंत्रिमंडल में शामिल जावेद अहमद राणा ने कहा कि पिछले दस साल से जम्मू-कश्मीर के लोग परेशान थे। लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाल होने के साथ तरक्की होने की उम्मीद है। मंत्री बनने के साथ मेरी प्राथमिकता जम्मू-कश्मीर की परेशानियों को दूर करना होगी। पीर पंजाल में बॉर्डर और धार्मिक पर्यटन बढ़ाने के साथ इसे पिछड़ा क्षेत्र घोषित करवाने के प्रयास किए जाएंगे।

नेकां विधायकों ने कहा
एजेंडों को प्राथमिकता पर लेंगेसोनाबारी से नेकां विधायक हिलाल अकबर लोन का कहना है कि जब तक भाजपा है तब तक अनुच्छेद 370 और राज्य का दर्जा वापस लाने के लिए बड़ी चुनौती है, लेकिन हमारा संघर्ष जारी रहेगा। जम्मू-कश्मीर में रोजगार का विस्तार करना भी चुनौती है। छानपोरा से नेकां विधायक मुश्ताक गुरु ने कहा कि चुनौतियां तो बहुत हैं, लेकिन लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता पर लेंगे। पट्टन से नेकां विधायक जावेद रियाज ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में लोकतंत्र सरकार बहाल होना अच्छी बात है, लेकिन हर स्तर पर चुनौतियां हैं।

हम पार्टी के एजेंडे पर काम करने की कोशिश करेंगे। लोगों की प्राथमिकता को तय करेंगे। त्रेहगाम से नेकां विधायक सैफुल्ला मीर ने कहा कि लोकतंत्र बहाल हुआ है और हम स्टेटहुड वापस लाने की कोशिश करेंगे। बनिहाल से नेकां विधायक सज्जाद शाहीन ने कहा चुनौतियों का समाधान करने का प्रयास करेंगे।

पिछली बार मेरी गड्डी
उपमुख्यमंत्री से भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र रैना को हराने पर चौधरी ने कहा कि पिछली बार मेरी गड्डी रुक गई थी, इस बार उनकी गड्डी रुक गई। वह मेरे भाई की तरह हैं। उन्होंने कहा कि मैं शपथ ग्रहण समारोह में खुद को उपमुख्यमंत्री की घोषणा से हैरान हो गया था। पहले मैं विधायक की पंक्ति में जाकर बैठ गया था, लेकिन मुझे आगे वाली पंक्ति में लाया गया और फिर मुझे स्टेज पर बिठा दिया गया।

हम गठबंधन के साथ स्टेटहुड के लिए लड़ेंगे : सतीश
मंत्रिमंडल में शामिल सतीश शर्मा से पिता मदन लाल के बारे में पूछते समय उनकी आंखें भर आईं। उन्होंने कहा कि वह आम आदमी, गरीबों और नौजवानों के लिए लड़ेंगे। भाजपा गलत प्रचार करती रही है। उमर अब्दुल्ला ने अपने मंत्रिमंडल में जम्मू को पूरा प्रतिनिधित्व दिया है। हम गठबंधन के साथ स्टेटहुड के लिए लड़ाई लड़ेंगे।
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नेकां के एजेंडे 
परिवार की मुख्य महिला को मासिक पांच हजार रुपये देना 
आर्थिक रूप से कमजोर प्रत्येक परिवार कोे साल में 12 एलपीजी सिलेंडर देना 
वृद्धा और विधवा पेंशन 3000 रुपये देना। 
ईडब्ल्यूएस परिवारों को बेटी की शादी पर 50 हजार से बढ़ाकर 75 हजार रुपये देना- पेंशनरधारकों को चिकित्सा भत्ता 300 से बढ़ाकर 1000 प्रति माह देना
अल्पसंख्यक आयोग के गठन को लेकर काम करना 
प्रत्येक परिवार में प्रति व्यक्ति दस किलो चावल और आटा देना
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