श्रीनगर। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित समारोह में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के नवनियुक्त मेडिकल ऑफिसर्स को नियुक्ति पत्र सौंपे। मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से जम्मू-कश्मीर भर में नियुक्त हुए डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र देकर उन्हें बधाई दी और कहा कि यह नियुक्ति लोगों की सेवा के लिए समर्पित एक नए अध्याय की शुरुआत है।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नियुक्ति वर्षों की कड़ी मेहनत, लगन और त्याग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आज आपके जीवन का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है, इसमें आप क्या लिखेंगे और दूसरों के पढ़ने के लिए क्या छोड़ेंगे, यह आप पर निर्भर है। उन्होंने डॉक्टरों के माता-पिता और परिवारों के योगदान को भी याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी सेवा में आना, खासकर स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी जिम्मेदारी लेकर आता है। लोग सबसे कठिन और कमजोर क्षणों में डॉक्टर के पास जाते हैं। कई बार लोग सारी उम्मीदें छोड़कर आपके पास आते हैं और आपमें आखिरी उम्मीद देखते हैं। उन्होंने नए डॉक्टरों से अपील की कि वे जहां भी तैनाती हो, खासकर दूरदराज और कम सेवा वाले क्षेत्रों में पूरी निष्ठा से सेवा दें। उन्होंने कहा कि लोगों को सामान्य डिलीवरी, गॉलब्लैडर और अपेंडिक्स जैसी सर्जरी के लिए उप-जिला और जिला अस्पतालों से सीधे श्रीनगर या जम्मू रेफर नहीं होना चाहिए। ये सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होनी चाहिएं। मुख्यमंत्री ने माना कि दूरदराज क्षेत्रों में तैनात डॉक्टरों को सरकार से बेहतर बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और काम करने की अच्छी परिस्थितियों की उम्मीद रहेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार सेवा शर्तों और स्वास्थ्य ढांचे को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम करेगी। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के भविष्य को बदलने के लिए सरकार दो चीजों पर विशेष ध्यान दे रही है - शिक्षा और स्वास्थ्य। यही प्रदेश की प्रगति की बुनियाद हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में मेडिकल शिक्षा पर सरकार भारी सब्सिडी दे रही है ताकि छात्र कम खर्च में पढ़ाई कर सकें। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में फीस कई अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम है। सरकार केंद्र के साथ मिलकर मेडिकल कॉलेजों में सीटें भी बढ़ा रही है ताकि ज्यादा डॉक्टर तैयार हो सकें। उन्होंने कहा कि सरकार आपकी सेवा शर्तों और बुनियादी ढांचे में सुधार करेगी ताकि आप बिना किसी डर के काम कर सकें। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू, मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी, कमिश्नर सेक्रेटरी स्वास्थ्य एम. राजू, मिशन डायरेक्टर एनएचएम आकृति सागर, स्वास्थ्य सेवाएं कश्मीर के फैकल्टी सदस्य, नवनियुक्त मेडिकल ऑफिसर और उनके अभिभावक मौजूद रहे।